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शनिवार, जून 06, 2009

बीयर पिलाओ-चूहों से मुक्ति पाओ

शर्माजी... चौबेजी....तिवारीजी... देवांगनजी... शुक्लाजी....वाधवानीजी, कुकरेजाजी... सोनीजी... सोनाजी... करजी... हर जी के घर में पत्नी जी की एक ही शिकायत है। पत्नी कहती हैं अजी सुनते हो जी॥ पति महोदय कहते हैं सुनाइए न जी। पत्नी कहती हैं क्या करें आप तो ध्यान देते नहीं है घर का सारा सत्यनाश हुआ जा रहा है। पति बेचारे घबरा जाते हैं, पूछते हैं भागवान आखिर बात क्या है। पत्नी बताती हैं कि घर में चूहों की भरमार हो गई है और कुछ भी रखना मुश्किल है। जहां भी कुछ रखो चूहे चट कर जाते हैं। यह बात तो सच है कि आज हर घर में सभी लोग चूहों से परेशान हैं। अब ऐसे परेशान लोगों के लिए एक अच्छी खबर है कि उनको चूहों से मुक्ति मिल सकती है। लेकिन इसके लिए आपको बीयर से दोस्ती करनी पड़ेगी। घबराने की जरूरत नहीं है बीयर आपको नहीं पीनी है, बल्कि उन चूहों को पिलानी है जो आपकी परेशानी का सबब हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है कि चूहों से मुक्ति का एक आसान रास्ता बीयर है। चूहे ही नहीं बल्कि कीटों से भी बीयर निजात दिलाने का काम करेगी।


विश्व में शायद ही ऐसा कोई देश होगा जहां पर चूहों के आतंक से लोग परेशान नहीं होंगे। एक समय इन्हीं चूहों के कारण देश में प्लेग जैसी घातक बीमारी ने पैरे पसारे थे और लोगों में चूहों के नाम की दहशत हो गई थी। वैसे चूहा है तो अपने भगवान गणेशजी का साथी, पर इसका क्या किया जाए कि चूहों से परेशानी सबको होती है। एक तरफ जहां घर में चूहों से परेशानी होती है, वहीं राजस्थान में एक करणीदेवी का मंदिर ऐसा भी है जहां पर चूहों की पूजा होती है। इस मंदिर में इतने ज्यादा चूहे हैं कि यह मंदिर चूहों के नाम से जाना जाता है। यहां पर आने वालों को जब चूहों का जूठा किया गया प्रसाद मिलता है तो किसी को किसी बीमारी का ख्याल भी नहीं आता है। वैसे आज तक इस मंदिर के प्रसाद को लेकर कोई बीमार न तो हुआ है और न ही होगा। यहां पर सवाल श्रद्धा और भक्ति का है।

आप एक कढ़ाई लीजिए जिसमें तेल की एक परत हो उसमें बीयर डाल दीजिए। इस कढ़ाई का बीयर पीने के थोड़ी देर बाद चूहा मर जाएगा। तो फिर देर किस बात की है आपको अगर चूहों से मुक्ति चाहिए तो इसका प्रयोग करके देखें, शायद आपको मुक्ति मिल जाए।

एक तरफ राजस्थान का चूहों का करणीदेवी का मंदिर है जिसके बारे में कोई इंकार नहीं कर सकता है तो दूसरी तरफ गुजरात में आए प्लेग का वह भयानक मंजर है जिसे कोई नहीं भूल सकता है। इसी तरह से करणीदेवी के मंदिर में जिस तरह से चूहे विचरण करते हुए अच्छे लगते हैं, उसी तरह से ये घर में कभी अच्छे नहीं लगते हैं। जिनके घरों-दुकानों में चूहे हो जाते हैं उनकी नाक में दम हो जाता है। हर कोई इनसे मुक्ति चाहता है। चूहा मार दवाई जो बाजार में मिलती है उसका भी असर नहीं होता है। कारण साफ है असली दवाई मिले तब असर हो न। फिर ऐसी दवाई बेचने वाले भी आज घबराते हैं पता नहीं कौन यह दवाई लेकर चूहों की बजाए खुद खा जाए या फिर किसी को खिला दे। ऐसे हादसे हर शहर में होते रहते हैं।


ऐसे में चूहों से परेशान रहने वालों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि अब उनको इनसे मुक्ति दिलाने का काम बीयर से होगा। अमरीका के बाक्सर स्टीफेन एल टूवीडेन ने कीटों पर किए गए 2800 सुरक्षित और प्रभावकारी विकल्पों में से एक विकल्प बीयर को बताया है। उन्होंने सलाह दी है कि आप एक कढ़ाई लीजिए जिसमें तेल की एक परत हो उसमें बीयर डाल दीजिए। इस कढ़ाई का बीयर पीने के थोड़ी देर बाद चूहा मर जाएगा। तो फिर देर किस बात की है आपको अगर चूहों से मुक्ति चाहिए तो इसका प्रयोग करके देखें, शायद आपको मुक्ति मिल जाए। हम तो आज इसका प्रयोग करके देखने का विचार कर रहे हैं क्योंकि हमारे यहां भी चूहों की भरमार है।

16 टिप्पणियाँ:

Unknown,  शनि जून 06, 09:19:00 am 2009  

यह बात तो सच है कि बाजार में चूहा मार दवाई असली मिलती ही नहीं है। असली मिलती तो चूहों से मुक्ति दिलाने के लिए ऐसा शोध ही क्यों होता।

Unknown,  शनि जून 06, 09:37:00 am 2009  

भईया जिनको बीयर से परहेज है उनका क्या होगा?

RAJNISH PARIHAR,  शनि जून 06, 09:43:00 am 2009  

लेकिन अपने यहाँ के लोग क्या चूहों को बियर पीने देंगे...शायद नहीं..

बेनामी,  शनि जून 06, 09:58:00 am 2009  

चूहों को मारना पाप है, क्योंकि ये गणेशजी के वाहन हैं।

Unknown,  शनि जून 06, 10:11:00 am 2009  

हम भी सोच रहे हैं कि आज इसका भी प्रयोग करके देखा जाए, सफलता मिली तो जरूर बताएंगे।

बेनामी,  शनि जून 06, 10:21:00 am 2009  

अरे भाई साहब आप चूहों से मोहब्बत करें किसने रोका है, पर हमें तो परेशान करते हैं तो हम तो इनको मारेंगे ही न।

Unknown,  शनि जून 06, 10:52:00 am 2009  

जानकारी देने के लिए शुक्रिया।

Unknown,  शनि जून 06, 11:44:00 am 2009  

सफलता मिलें तो हमें भी जरूर बताएँ

PN Subramanian,  शनि जून 06, 01:02:00 pm 2009  

लगता है की अब बियर पीने वालों को सावधान होना पड़ेगा.हमने सुना है की दवाईयों का प्रयोग पहले चूहों पर करते है उसके बाद ही मनुष्य पर आजमाया जाता है. जब बियर पीकर चूहे मर सकते हैं तो कढाई में तेल की परत लगा कर उसमें बियर दाल दें फिर हम खुद ही पी लें. स्वर्ग शायद सुनिश्चित हो जावे.

बेनामी,  शनि जून 06, 02:09:00 pm 2009  

जानकारी देने के लिए शुक्रिया।

anu,  शनि जून 06, 03:05:00 pm 2009  

इस शोध से शराब और बीयर का सेवन करने वालों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि हकीकत में शराब कितनी खराब होकी है। अगर बीयर से चूहों का अंत हो सकता है तो फिर इंसानों का क्यों नहीं? बीयर पीने वालों अब सावधान हो जाओं कहीं आपका अंत भी तो निकट नहीं है।

Unknown,  शनि जून 06, 04:53:00 pm 2009  
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Unknown,  शनि जून 06, 04:55:00 pm 2009  

एक छोटी सी जानकारी को आपने काफी रोचक अंदाज में पेश किया है मजा आ गया दोस्त।

chintu,  शनि जून 06, 05:15:00 pm 2009  

chooha maarna paap hai

Unknown,  रवि जून 07, 01:04:00 am 2009  

ऐसी ही नई जानकारियों से अवगत कराते रहे

डॉ महेश सिन्हा,  गुरु फ़र॰ 25, 08:59:00 pm 2010  

कोई इस प्रयोग का नतीजा बताएगा ?
या बेचारा चूहा अभी तक इंतजार कर रहा है

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