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बुधवार, सितंबर 22, 2010

अन्नु मलिक का पानी उतारा एक लड़की ने

सोनी टीवी में कल रात को इंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा नामक एक कार्यक्रम में अंतत: अन्नु मलिक का पानी एक लड़की ने उतार दिया। तीन लड़कियों की कला पर एक मिनट में ही विराम लगाने के बाद इनमें से एक लड़की नाराज हो गर्इं और उन्होंने पूरी तरह से अन्नु मलिक को बता दिया कि उनकी औकात क्या है। वैसे भी इस कार्यक्रम में पूरी तरह से जजों की दादागिरी चल रही है।
कल रात को जब इस कार्यक्रम में उप्र की तीन लड़कियां मंच पर एक स्कूटी के साथ आईं तभी लगा था कि अन्नु साहब को मंच पर स्कूटी का आना पसंद नहीं आया है। जब इन लड़कियों ने अपनी कला का प्रदर्शन करना प्रारंभ किया तो इस बार दर्शकों के माध्यम से इनकी कला पर विराम लगाया। इन तीन लड़कियों में से एक लड़की स्कूटी चला रही थी एक बीच में बैठी थी और तीसरी लड़की सबसे पीछे बैठी थी और अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर बीच वाली लड़की के बॉल काट रही थी। वास्तव में इनका काम अनोखा था, पर इसका क्या किया जाए कि सोनी टीवी के इस कार्यक्रम में अच्छा काम करने वाले पसंद ही नहीं आते हैं।
जब इन लड़कियों को कला दिखाने से रोका गया तो एक लड़की बहुत ज्यादा नाराज हो गई। उनसे जब अन्नु मलिक ने कहा कि आप को देश के दर्शकों ने नकारा दिया है तो लड़की ने साफ कहा कि देश के नहीं यहां के दर्शकों ने। उनका कहना बिलकुल ठीक था एक कार्यक्रम में आप कुछ दर्शकों को बिठा देते हैं और उनके हाथ में रिमोट का झूनझूना थमा देते हैं कि जिनका कार्यक्रम पसंद आया तो ठीक है, नहीं आए तो उनको बाहर कर दें। क्या चंद लोग ही किसी कलाकार की कला के सही गलत का फैसला करने के अधिकारी हैं। जब एक सच्चाई अन्नु मलिक के सामने एक लड़की ने कह दी तो जनाब अन्नू मलिक कहने लगे कि अब उनका दिमाग खराब हो गया है, और लड़कियों को वहां से बाहर कर दिया गया। अब भला सच्ची बात से अन्नु मलिक जैसे लोगों का दिमाग ही तो खराब हो सकता है। वास्तव में ऐसे कार्यक्रमों से किसी की कला को परखा नहीं जा सकता है। अगर आपको किसी की कला को परखना है तो उसे पूरा समय दिया जाए अपनी कला दिखाने का, ये कैसा नियम है कि एक मिनट में आप पास-फेल का खेल खेलते हैं। एक मिनट में किसी की कला को परखना आसान नहीं है। कई बार देखा गया है कि कई खराब प्रदर्शन भी अपने जजों को बहुत अच्छे लगते हैं। बहरहाल कल के कार्यक्रम में एक बात ही अच्छी हुई कि एक लड़की ने अन्नु मलिक का पानी जरूर उतरा दिया।
कल के कार्यक्रम में हमारे राज्य छत्तीसगढ़ के लिए भी एक अच्छी बात हुई कि यहां के जंपरों ने शानदार प्रदर्शन किया, इनके बारे में हम कल लिखेंगे।


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मंगलवार, सितंबर 21, 2010

ये तो अन्नु मलिक की दादागिरी है

सोनी टीवी में कल रात को इंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा नामक एक कार्यक्रम में एक कलाकार अपनी कला पेश कर रहे थे, कि निर्णायकों की कुर्सी पर बैठे अन्नु मलिक ने उन्हें रोक दिया। इन कलाकार की कला वास्तव में लाजबाब थी, पर इसका क्या किया जाए कि अपने मलिक साहब को वह पसंद नहीं आई या फिर यह कहा जाए कि उनके समझ में ही नहीं आया। जब उनके समझ में ही नहीं आया तो उन कलाकार की कला पर ही ब्रेक लगा दिया। इस कार्यक्रम में ऐसा तीन बार हुआ।
इन दिनों सोनी टीवी पर इंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा चल रहा है। इस कार्यक्रम में हमेशा से अन्नु मलिक और फरहा खान आते हैं। इनकी लगातार इस कार्यक्रम में दादागिरी चल रही है कहा जाए तो गलत नहीं होगा। कल फरहा खान के स्थान पर अपने पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू बैठे थे। कार्यक्रम में एक कलाकार आए और अपनी कला का प्रदर्शन करने लगे साथ में उनकी साथी कलाकार जो कि उनकी पत्नी थी, बताते जा रही थी कि वे क्या कर रहे हैं। इन कलाकार की कला कुछ इस तरह से थी कि उनका एक हाथ कुछ अलग अंदाज में चल रहा था दो दूसरा कुछ अलग अंदाज में यही काम उनके पैर भी कर रहे थे यानी की उनके दोनों हाथ अलग तरह से मूवमेंट में थे, दोनों पैरे भी अलग-अलग मूवमेंट में थे। लेकिन यह बात अपने अन्नु मलिक साहब को समझ ही नहीं आई और उन्होंने उनको एक मिनट के समय में रोक दिया। यह इस कार्यक्रम का नियम बनाया गया है कि निर्णायकों या दर्शकों को कुछ पसंद नहीं आता है तो एक मिनट में उसे रोक दिया जाता है। नियम तो ठीक है, पर कई बार इस नियम के कारण ऐसा लगता है कि निर्णायक अपनी दादागिरी चला रहे हैं।
इन कलाकार की पत्नी के दावा किया कि जैसा उनके पति कर रहे हैं कोई नहीं कर सकता है। उन्होंने बताया भी कि यह सब दिमाग को अपने बस में करके लंबी साधना के बाद करना संभव होता है। जिस काम को सीखने के लिए किसी कलाकार ने इतना लंबा समय गंवाया उनकी मेहनत पर अन्नु मलिक जैसे निर्णायक एक मिनट में पानी फेर देते हैं। किसी भी कलाकार को मंच पर बुलाया जा रहा है तो उनको अपनी कला दिखाने का तो पूरा मौका देना चाहिए
ऐसा ही एक और कलाकार ग्वालियर के एक युवक के साथ किया गया। वह युवक अपनी आंखों की पलकों से सुईयां उठाने का काम कर रहे थे। ्अब ऐसा करने में उन कलाकार को कोई डर नहीं लग रहा था, लेकिन अपने अन्नु मलिक साहब को यह लगा कि आंखों को नुकसान पहुंचाने वाला यह कार्यक्रम ठीक नहीं है। इसी कार्यक्रम में लोगों ने अपने जान का जोखिम उठाकर कार्यक्रम पेश किए हैं, तो फिर वे कार्यक्रम उनको कैसे पसंद आ जाते हैं।
कल रात के ही कार्यक्रम में एक फिल्मी कलाकार संभावना सेठ ने जब डांस  करना शुरू किया तो उन्हें भी अन्नु मलिक ने बीच में रोक दिया। संभावना को इससे गुस्सा आया और उन्होंने अन्नु मलिक की चुनौती स्वीकार एक मार्शल आर्ट के कलाकार के साथ मिलकर अपने शरीर में सब्जियों रखकर कटवाने की हिम्मत दिखाई और अन्नु मलिक को बताया कि कलाकार अगर कुछ करने पे आए तो कुछ भी कर सकता है। हमारा ऐसा मानना है कि अन्नु मलिक जैसे निर्णायकों को अपनी दादागिरी से बाज आते हुए कलाकारों को अपनी कला पेश करने का पूरा मौका देना चाहिए।


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