हमें भी आने लगा है चैटिंग में मजा
चैटिंग के बारे में हम जानते तो काफी समय से हैं, पर हमें इसमें पहले कोई रूचि नहीं थी। लेकिन अब हमें भी इसमें मजा आने लगा है। वैसे चैटिंग से हमने कुछ दिनों पहले ही नाता जोड़ा है।
तीन-चार दिन पहले जब दोपहर को घर पर बैठे थे, तो देखा कि विवेक रस्तोगी जी आन लाइन थे। हमने उन्हें नमस्कार किया तो उधर से भी जवाब आया। इसके बाद रस्तोगी जी को हमने बताया कि हम पहली बार चैटिंग कर रहे हैं। उन्होंने हमसे पूछा कि कोई परेशानी हो तो बताएं, हमने उनको बताया कि हम भी हिन्दी में लिखना चाहते हैं क्या किया जाए। उन्होंने इसके बारे में जानकारी दी। उनकी जानकारी पर हम अभी अमल नहीं कर पाए है।
रस्तोगी जी के बाद हमने अपने मित्र ललित शर्मा जी से भी चैटिंग की। उनसे हमारी रोज ही चैटिंग होती है। ललित शर्मा जी के बाद हमने अजय झा जी से भी चैटिंग पर चर्चा की। उनको भी हमने बताया कि हमने अभी-अभी चैटिंग सिखी है। वैसे तो हमें काफी कम समय मिल पाता है, लेकिन समय निकाल कर हम चैटिंग करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अपने मित्रों से कुछ वार्ता लाप हो सके मुफ्त में। अब फोन पर बतियाने के तो पैसे लगते हैं, लेकिन चैटिंग एक ऐसा साधन है इस पर जितना चाहे बतिया लें कोई पैसा खर्च होने वाला नहीं है।

