चवन्नी जानेमन-अठन्नी दिलरूबा
चवन्नी जानेमन-अठन्नी दिलरूबा
बेचारा दो का नोट बीमार पड़ गया
बीमार पड़ गया डॉक्टर आ गया
डाक्टर आ गया, सुई लगा गया
सुई थी गलत ,बेचारा मर गया
बेचारा मर गया, भूत बन गया
भूत बन गया, सबको खा गया
सबको खा गया, पंडित आ गया
पंडित आ गया, मंत्र पढ़ गया
मंत्र था क्या
ओम जय जदगीश सहरे
स्वामी जय जगदीश सहरे
पंडित जी पेड पर चढ़े
पेड़ था दुबला-पतला
पंडित जी नीचे गिरे
ओम जय जगदीश सहरे
यह पैरोडी हमारी बिटिया स्वप्निल राज ग्वालानी और सागर राज ग्वालानी ने बताई है।
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बेचारा दो का नोट बीमार पड़ गया
बीमार पड़ गया डॉक्टर आ गया
डाक्टर आ गया, सुई लगा गया
सुई थी गलत ,बेचारा मर गया
बेचारा मर गया, भूत बन गया
भूत बन गया, सबको खा गया
सबको खा गया, पंडित आ गया
पंडित आ गया, मंत्र पढ़ गया
मंत्र था क्या
ओम जय जदगीश सहरे
स्वामी जय जगदीश सहरे
पंडित जी पेड पर चढ़े
पेड़ था दुबला-पतला
पंडित जी नीचे गिरे
ओम जय जगदीश सहरे
यह पैरोडी हमारी बिटिया स्वप्निल राज ग्वालानी और सागर राज ग्वालानी ने बताई है।

