राजनीति के साथ हर विषय पर लेख पढने को मिलेंगे....

साफ्टबॉल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
साफ्टबॉल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, जून 05, 2011

नवोदित पहले बनते हैं अंपायर फिर खिलाड़ी

रविशंकर विश्व विद्यालय के मैदान में चल रहे साफ्टबॉल के प्रशिक्षण शिविर में आने वाले हर नए खिलाड़ी को बल्लेबाज के पीछे खड़े करके पहले अंपायर बनाया जाता है। अंपायरिंग को समझने के बाद ही खिलाड़ियों को बल्ला दिया जाता है। इस समय प्रशिक्षण लेने वाले 60 खिलाड़ियों में 20 से ज्यादा खिलाड़ी नए हैं।
इस खेल का प्रशिक्षण लेने के लिए रोज सुबह के सत्र में 60 खिलाड़ी आ रहे हैं। इन खिलाड़ियों में 20 से ज्यादा नए खिलाड़ी हैं जो साफ्टबॉल से जुड़े हैं। इन खिलाड़ियों में शामिल शुभांगी, सजल अग्रवाल, रजनी चक्रवर्ती, हातिम हुसैन, ऐजान, उत्सव, शमनदीप सिंह, कौशल, परमेश्वर, निखिल नायक, किशन, कैलाश पटेल, दया सागर, छोटू महानंद, किशन महानंद, रौशनी निषाद, रोहित, वीरू बाग, नरेश निर्मलकर और कैलाश कहते हैं कि वे इस खेल में आए हैं तो उनको इसमें बिलकुल क्रिकेट जैसा रोमांच लग रहा है। सभी एक स्वर में कहते हैं कि हम इस खेल से नियमित रूप से जुड़े रहना चाहते हैं। इन्होंने बताया कि इस खेल की खासियत यह है कि यहां पर हमारे कोच निंगराज रेड्डी सबसे पहले अंपायरिंग कराते हैं, उसके बाद बल्लेबाजी करने या फिर गेंदबाजी करने का मौका देते हैं।
प्रशिक्षक निंगराज रेड्डी ने पूछने पर बताया कि हम नए खिलाड़ियों से अंपायरिंग इसलिए कराते हैं क्योंकि वे जब बल्लेबाज के पीछे खड़े होते हैं तो उनको समझ में आता है कि बॉल किस गति से आती है और बॉल की दिशा किस तरह की होती है। इसी के साथ उनको नियमों के बारे में भी बताया जाता है। खिलाड़ी खेलने से पहले अगर नियमों के बारे में जान जाए तो उनको अच्छा खिलाड़ी बनने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने बताया कि हम नए खिलाड़ियों को बेसिक जानकारी देते हैं इसमें हिटिंग, पीचिंग, थ्रोइंग, और फील्डिंग शामिल हैं। वे कहते हैं कि साफ्टबॉल में भी क्रिकेट जैसा रोमांच है इसलिए इस खेल में खिलाड़ियों को मजा आता है। उन्होंने बताया कि हर साल प्रशिक्षण शिविर में आने वाले नए खिलाड़ियों में कम से कम 50 प्रतिशत खिलाड़ी नियमित अभ्यास करने जरूर आते हैं। प्रशिक्षकों में श्री रेड्डी के साथ प्रदीप साहू और अमित वरु भी दे रहे हैं।


Read more...

रविवार, अक्टूबर 03, 2010

15 साल बाद हम उतरे खेल के मैदान में

अचानक कल जब हम रविशंकर विवि के मैदान में साफ्टबॉल के चयन ट्रायल में गए तो वहां पर इस खेल को छत्तीसगढ़ में प्रारंभ करवाने वाले हमारे मित्र उपसंचालक (खेल) ओपी शर्मा के आग्रह पर हमें खेल के मैदान में उतरना पड़ा। करीब 15 साल बाद हम मैदान में उतरे थे। 1995 में हमारा सीधा हाथ फ्रेक्चर हो गया था, इसके बाद तो मानो हम खेलना ही भूल गए थे। कल मैदान में उतरे तो खेल का फिर से ऐसा चस्का लगा कि बार-बार खेलने की तमन्ना होने लगी और हमने साफ्टबॉल का बैट थामकर कई बॉलों पर निशाना लगाया, पहले पहल तो कुछ चूके, लेकिन इसके बाद लगातार बॉल निशाने पर आने लगी।
हमने सोचा नहीं था कि हमें इतने साल बाद फिर से किसी खेल के मैदान में उतरने का मौका मिलेगा। लेकिन हम शुक्रगुजार हैं अपने मित्र ओपी शर्मा के जिनके कारण हमको कल एक बार फिर से खेलने का मौका मिला। वैसे 15 साल पहले और इसके पहले स्कूल और कॉलेजों के दिनों में हमारे प्रिय खेलों में शतरंज, कैरम, बैडमिंटन, वालीबॉल, क्रिकेट और टेबल टेनिस थे। वैसे हमारी तमन्ना लॉन टेनिस में हाथ आजमाने की होती थी, लेकिन कभी मौका नहीं मिला। स्कूलों के दिनों में हम कबड्डी और खो-खो भी खूब खेले हैं। बहरहाल लंबे समय बाद खेल के मैदान में उतर कर बहुत ज्यादा ताजगी लगी। एक बार बैट चलाने के बाद लगातार इच्छा हो रही थी कि लंबे समय तक खेला जाए, लेकिन बच्चों का ट्रायल चल रहा था ऐसे में ज्यादा समय खेल पाना संभव नहीं था। ऐसे में हमने ओपी शर्मा के सामने एक सुझाव रखा कि जल्द ही खेल पत्रकारों और उनके संघ के बीच में एक मुकाबला साफ्टबॉल का करवाया जाए। यह खेल वास्तव में बहुत अच्छा है। कम से कम मैच फिक्सिंग जैसी गंदगी में फंस चुके क्रिकेट से तो लाख दर्जा बेहरत है। हारा सुझाव श्री शर्मा ने मान लिया है, अब बहुत जल्द असली मुकाबला होगा। इस मुकाबले से पहले हम सोच रहे हैं कि कुछ दिनों तक खेल का अभ्यास भी कर लिया जाए। मुकाबले से पहले जरूर समय निकाल कर ऐसा करने का प्रयास करेंगे। अंत में एक बार फिर से हम श्री शर्मा जी को धन्यवाद देना चाहते हैं कि जिनके कारण हमको इतने लंबे समय बाद खेलने का मौका मिला है। हमारे साथ हमारे कई साथी पत्रकारों और फोटोग्राफरों ने भी कल साफ्टबॉल में हाथ आजमाने का काम किया।

Read more...
Related Posts with Thumbnails

ब्लाग चर्चा

मेरी ब्लॉग सूची

  © Blogger templates The Professional Template by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP