हर तरफ हो हरियाली - तो हर दिन हो दीपावली
तीन दिन पहले हमें रविवार के दिन छुरा जाने का मौका मिला। रास्ते में चारों तरफ हरियाली देखकर हमारे मन में एक ही विचार आया कि काश ऐसी ही हरियाली से अपने देश का हर शहर भी हरा-भरा होता तो कितना अच्छा होता। हम सोचते हैं कि अगर हर तरफ हो हरियाली तो हर दिन हो दीपावली।
इसमें कोई दो मत नहीं है कि शहरों से हरियाली गायब होने की वजह से ही इंसान ज्यादा बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। गांवों में आज भी हरियाली होने की वजह से गांव में रहने वाले इंसान शहरी इंसानों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ्य रहते हैं। अब यह बात अलग है कि आधुनिकता की दौैड़ के साथ काम की तलाश में गांव वालों को शहरों की तरफ भागना पड़ रहा है। हमें तो जब भी समय मिलता है, हम हरियाली के दर्शन करने के लिए निकल पड़ते हैं कि किसी भी गांव की तरफ। वास्तव में हरियाली से दो-चार होकर जितना सकुन मिलता है, उसको शब्दों में बया नहीं किया जा सकता है।
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इसमें कोई दो मत नहीं है कि शहरों से हरियाली गायब होने की वजह से ही इंसान ज्यादा बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। गांवों में आज भी हरियाली होने की वजह से गांव में रहने वाले इंसान शहरी इंसानों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ्य रहते हैं। अब यह बात अलग है कि आधुनिकता की दौैड़ के साथ काम की तलाश में गांव वालों को शहरों की तरफ भागना पड़ रहा है। हमें तो जब भी समय मिलता है, हम हरियाली के दर्शन करने के लिए निकल पड़ते हैं कि किसी भी गांव की तरफ। वास्तव में हरियाली से दो-चार होकर जितना सकुन मिलता है, उसको शब्दों में बया नहीं किया जा सकता है।



