सावधान... आपके ब्लाग में भी आ सकते हैं भूत-पिशाच
कल रात की बात है हम पीठ में दर्द होने के कारण जल्दी सो गए। रात को मोबाइल बजता रहा, पर क्या करें दर्द के कारण हम उठा नहीं पाए। वैसे हमें इस बात का अंदाज जरूर था कि रात को जरूर हमारे ब्लाग में हंगामा होगा, लेकिन हमने सोचा नहीं था कि इतने ज्यादा नंगे भूत-पिशाच धावा बोल देंगे। सुबह उठकर देखा तो मालूम हुआ कि हमारे ब्लाग में रात भर भूत-पिशाचों का खुला नंगा खेल चलता रहा। ऐसा खेल कभी भी किसी के भी ब्लाग में हो सकता है, इससे सावधान रहने की जरूरत है। हमने अब तक अपने ब्लाग में बेनामी का आप्शन खुला रखा था, लेकिन भूत-पिशाच की नंगाई के बाद कुछ मित्रों की सलाह पर बेनामी पर बेन लगा दिया है। वैसे हम किसी भी तरह के बेन के पक्ष में नहीं रहते हैं, लेकिन भूत-पिशाच से बचने के लिए हम कोई नीबू-मिर्ची अपने कम्प्यूटर में लगाना नहीं चाहते हैं।
हमने कल एक पोस्ट लिखी थी क्या ब्लाग जगत में भी मठाधीशों का राज है। कल रात को जब हम प्रेस से वापस घर आए तो देखा कि कुश जी की एक टिप्पणी आई थी। अब यह टिप्पणी उनकी थी या नहीं इसका दावा हम इसलिए नहीं कर सकते हैं क्योंकि इस टिप्पणी के जवाब में जब हमने टिप्पणी की तो रात को कई नंगे भूत-पिशाच हमारे ब्लाग में तांडव करने आ गए। अब कहते हैं कि भूत-पिशाच ऐसे होते हैं जो किसी का भी रूप ले लेते हैं। ऐसे में ब्लाग जगत के भूत-पिशाचों ने भी हमारे यानी राजकुमार ग्वालानी, समीर लाल, अजय कुमार झा, अखिल कुमार, अनिल पुसदकर, सूर्यकांत गुप्ता, कुश, अरविंद मिश्र और न जाने किन-किन का भेष बदलकर टिपियाने का नंगा खेल खेला।
जब हमारे ब्लाग में रात को यह नंगा खेल चल रहा था तो हमारे कुछ मित्र बहुत परेशान हुए और उन्होंने हमसे संपर्क करने का प्रयास किया, पर हम अपने पीठ के दर्द के कारण आराम कर रहे थे। सुबह को उठे तो देखा कि किस तरह की नंगाई की गई है हमारे ब्लाग में। हमें मालूम नहीं था कि ब्लाग जगत में भी भूत-पिशाचों का इतना बड़ा बसेरा है।
बहरहाल हमने अपने कुछ मित्रों की सलाह पर भूत-पिशाचों द्वारा की गई हैवानियत को अपने ब्लाग से मिटाने का काम कर दिया है। जिनके नाम से ऐसी हैवानियत की गई है, वे तो जरूर परेशान हुए होंगे। हमारे एक जानकार मित्र ने बताया कि ऐसा तांडव तो ब्लाग जगत के भूत-पिशाच यदा-कदा करते रहते हैं इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। वैसे हम कभी परेशान नहीं होते हैं हम जानते हैं कि जहां अच्छाई होती है, वहां पर बुराई होती है, ऐसे बुरे लोगों से हमारा पाला हमेशा पड़ता है, भूत-पिशाचों को ठिकाने लगाना हम जानते हैं। लेकिन हम अपने उन नए साथियों को सावधान करना चाहते हैं जो ब्लाग जगत में नए हैं कि इन भूत-पिशाचों से सावधान रहना अगर आपने अपने घर का दरवाजा खुला रखा तो ये आकर कभी भी नंगाई कर सकते हैं। ऐसे में हमने भी अपने मित्रों की सलाह पर अब अपने घर का दरवाजा पूरा तो नहीं लेकिन किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए जरूर बंद कर दिया है जिसे हम नहीं जानते हैं, यानी अब बेनामी हमारे ब्लाग पर बेन हैं। वैसे हम ऐसा करना नहीं चाहते थे, लेकिन क्या करें एक कहावत है कि नंगों से खुदा डरता है तो फिर हम तो इंसान हैं।

