ब्लागवाणी बंद करवाना किसी नए एग्रीगेटर की साजिश तो नहीं?
सुबह उठते ही जब नेट पर आएं तो आज विजयदशमी के दिन रावण के दहन से पहले ही ब्लाग बिरादरी के सबसे चहेते एग्रीगेटर ब्लागवाणी के दहन की दुखद खबर मिली। जब ब्लागवाणी का पेज खोला तो भरोसा ही नहीं हुआ कि यह बंद हो गया है। सारे जतन करके देखे पर ब्लागवाणी ने तो विदाई ले ली थी फिर पेज खुलता कैसे। गूगल से अपने ब्लाग में गए तो वहां पर ब्लागवाणी का बटन बंद की खबर से चिढ़ाता नजर आया। इसके बाद चिट्ठा जगत में गए तो ब्लागवाणी के बंद होने की कुछ खबरें देखने को मिलीं।
सोचने वाली बात यह है कि आखिर ब्लागवाणी के कर्ताधर्ताओं को इसको बंद करने की जरूरत कैसे पड़ गई। हिन्दी ब्लागों के लिए ब्लागवाणी ही तो एक बड़ा माध्यम था। इसमें कोई दो मत नहीं है कि ब्लागवाणी सबका चहेता रहा है और अगर सबने चाहा तो आगे भी रहेगा। ब्लागवाणी वालों ने अगर इसको बंद करने का फैसला किया तो इसके पीछे कोई छोटा-मोटा नहीं, बड़ा कारण होगा। अब क्या कारण है यह तो उनके ही खुलासा करने से मालूम हो सकता है। हमें लगता है कि ब्लागवाणी वालों को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। हमें न जाने क्यों इस बात का अंदेशा को रहा है कि कहीं यह किसी नए एग्रीगेटर की साजिश तो नहीं है कि वह ब्लागवाणी की दुकान बंद करवा दे और जब सारे ब्लाग बिरादरी के लोग एग्रीगेटर को लेकर परेशान हों तो अपनी दुकानदारी चालू कर ले। हो न हो हमें तो यही बात लग रही है। बाकी ब्लाग बिरादरी क्या सोचती है हम नहीं जानते हैं। आप भी अपना मत दे तो मालूम हो कि आप क्या सोचते हैं।
हमने जब चिट्ठा जगत के द्वारा हमारे साथ की गई मनमर्जी की बात लिखी थी तो सबने समझाने की कोशिश की थी कि इतना बड़ा एग्रीगेटर स्वचलित है तो गलतियां लाजिमी है, ऐसा ही ब्लागवाणी के साथ भी है, फिर क्यों कर कोई ब्लागवाणी के इतने पीछे पड़ा कि उसको बंद करने की नौबत आ गई। हम नहीं जानते कि इसके बंद होने से किसको क्या हासिल होगा, पर हम इतना जरूर कह सकते हैं कि इसके बंद होने से जहां हिन्दी ब्लाग बिरादरी का बहुत ज्यादा नुकसान होगा, वहीं साजिश करने वालों के हौसले भी बढ़ेंगे।
ऐसे में हमारा ऐसा मानना है कि ब्लागवाणी को इस दिशा में गंभीरता से सोचते हुए बिना विलंब के ब्लागवाणी को उसी तरह से प्रारंभ कर देना चाहिए जैसा पहले चल रहा था। अगर ऐसा नहीं किया गया है तो यह मान कर चलिए कि आज ब्लागवाणी को बंद करवाया गया तो कल चिट्ठा जगत का नंबर हो सकता है। साजिश करने वालों के लिए क्या है, वे तो ऐसा करने से बाज नहीं आएंगे। ब्लागवाणी को फिर से प्रारंभ करवाने के लिए ब्लाग बिरादरी को एक मुहिम चलानी होगी। हमें मालूम है कि इसको बंद करवाने वाले ब्लागवाणी के पक्ष में लिखने वालों की पोस्ट पर कुछ भी टिप्पणी कर सकते हैं और कर भी रहे हैं, लेकिन इन सबको दरकिनार करते हुए ब्लागवाणी को फिर से प्रारंभ करवाने के मकसद से काम करने की जरूरत है।





