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मंगलवार, मई 26, 2009

मर्द नहीं लगते अच्छे-फिर भी हो जाते हैं बच्चे



इस दुनिया में अजूबों की कमी नहीं है। एक तरफ जहां विश्व में वैज्ञानिक इस खोज में लगे हैं कि कैसे बिना नर के ही नारी जननी बन जाए तो दूसरी तरफ जीव-जंतुओं में यह बात पहले से है कि उनमें बिना नर के ही नारी बच्चे जनने का काम करती है। अब एक शोध में यह बात सामने आई है कि चीटियों में एक प्रजाति ऐसी है जो बिना नर के न सिर्फ बच्चे पैदा करने की क्षमता रखती है, बल्कि इस प्रजाति को नरों से ही परहेज है। इस प्रजाति के परिवार में कोई नर होता ही नहीं है। बच्चे पैदा करने वाली महारानी होती है रानी चीटी। शोध के लिए किए गए डीएनए में यह बात सामने आई है।

दुनिया में हमेशा से नर और मादा का विवाद रहा है। यह विवाद महज इंसानों तक ही सीमित नहीं है। यह विवाद जीव-जंतुओं में भी रहा है। पुरुष प्रधान समाज में हमेशा से नारी को कमजोर समझने की भूल की जाती है। यह भूल इंसान ही नहीं बल्कि जीव-जतुं भी करते हैं। लेकिन एक तरफ जहां इंसानी समाज में नर के बिना नारी बच्चे पैदा करने में सक्षम नहीं होती, वहीं जीव-जंतुओं में ऐसा नहीं है। कहा जाता है कि जीव-जंतुओं में कुछ कौम ऐसी हैं जिनको प्रजनन के लिए नर की जरूरत ही नहीं होती है। अब इस बात का खुलासा हुआ कि चीटियों में एक ऐसी प्रजाति मिली है जिस प्रजाति में नर की कहीं जरूरत ही नहीं है। इस प्रजाति मोइकोसेपुरस स्मिथी में बिना नर के ही मादा चीटियां बच्चे पैदा करने का काम करती हैं। शोध की मानें तो चीटियों में प्रजनन एक रानी चीटी से किया जाता है। रानी चीटी के क्लोनिंग से प्रजनन होता है और इस क्लोनिंग से होने वाले सभी बच्चे मादा होते हैं। चीटियों के बारे में कहा जाता है कि इनमें कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनमें प्रजनन के लिए सेक्स की जरूरत नहीं पड़ती हैं, लेकिन मोइकोसेपुरस स्मिथी ऐसी पहली प्रजाति है जिसमें केवल मादा चीटियों का ही जन्म होता है। इन चीटियों पर शोध करने का काम एरिजोना विश्व विद्यालय की अन्ना हिमलर ने किया है। इन्होंने इन चीटियों का अध्ययन किया तो मालूम हुआ कि इन चीटियों के समूह में कोई नर है ही नहीं। जब कोई नर नहीं है तो फिर यह प्रजाति बढ़ कैसे रही है? इसका पता लगाने का काम किया गया तो ही इस बात का खुलासा हुआ कि इस प्रजाति के वंश को बढ़ाने का काम रानी चीटियां करती हैं।


वैज्ञानिकों के दल ने पनामा, गुयाना, इक्लेडोर, पेरू अर्जेन्टीना और ब्राजील जैसे कई देशों में इस प्रजाति की चीटियों के घरौंदों से क्लोन को एकत्रित करके इसका अध्ययन किया तो डीएनए में इस बात का खुलासा हुआ कि सभी चीटियों में रानी चीटी के क्लोन हैं। ऐसे में यह बात तय हुई कि मोइकोसेपुरस स्मिथी प्रजाति की चीटियों का प्रजनन रानी चीटी के माध्यम से होता है। अध्ययन के मुताबिक जब रानी चीटियों का डिसेक्शन किया गया तो मालूम हुआ कि इनके अंडों से होने वाले बच्चों में कहीं भी किसी नर का डीएनए नहीं है। इसके बाद यह बात सामने आई कि मोइकोसेपुरस स्मिथी प्रजाति चीटियों की एक ऐसी प्रजाति है जिसमें नर के बिना ही बच्चे होते हैं और होने वाले सभी बच्चे मादा होते हैं।

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