रोमांच की धूम-दर्शक गए झूम
देश भर के बाइकर अपनी-अपनी बाइकों के एक्सीलेटर पर एक्सीलेटर दिए जा रहे हैं और सामने खड़ी एक लड़की जैसे ही इशारा करती हैं दौड़ पड़ती हैं सारी बाइक एक साथ और रास्ते में जैसे-जैसे बम्स आते हैं उन बम्स के ऊपर से बाइक हवा में इतनी ज्यादा ऊंचाई पर चली जाती है कि देखने वाले दर्शकों की सांसें थम जाती हैं। सभी दर्शक झूम उठते हैं। मैदान के चारों तरफ बस-बस दर्शक ही दर्शक हैं और सभी की नजरें लगीं हुई हैं रेसरों पर। पहले चक्र के मुकाबले के बाद ही हर दर्शक की जुबान पर बस एक ही नाम सुनाई पडऩे लगा, केपी अरविं का। इसी के साथ टीवीएस के एक और रेसर एचके प्रदीप को भी दर्शकों ने पसंद किया। इन दो रेसरों के अलावा तीसरे रेसर के रूप में प्रमोद जोसवा का नाम सामने आया। इन्हीं तीनों रेसरों के जलवों में दर्शक खो से गए और उनको ऐसा रोमांच देखने को मिला जैसा रोमांच सबने इसके पहले टीवी पर ही देखा था।
साइंस कॉलेज के मैदान पर जब विदेशी वर्ग का पहला मुकाबला प्रारंभ हुआ तो इस मुकाबले में पहले दो चक्रों तक एचके प्रदीप आगे रहे। इसके बाद तीसरे लैप यानी चक्र से अरविंद ने पहला स्थान प्राप्त किया और अंत तक इस पर कायम रहकर खिताब भी जीत लिया। इस पहले मुकाबले से ही सबको समङा में आ गया कि अरविंद ही खिलाड़ी नंबर वन हैं। उन्होंने इस पहले मुकाबले में ही जिस तरह की कलाबाजी दिखाई उसने सबको वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया। जैसे ही अरविंद की बाइक सबसे बड़े बम्स जिसे की टेबल टॉप कहा जाता है, उसके पास आती थी, सभी दर्शक उनका उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां बजाने लगते थे। दर्शकों का उत्साह देखकर अरविंद लगातार बाइक को हवा में ऊंचा और ऊंचा करते गए साथ ही लंबाई में भी इजाफा करते गए। अंत में अरविंद ने अपनी बाइक से जहां हवा में करीब ४० से ५० फीट की ऊंचाई नापी, वहीं लंबाई में भी ५० फीट लंबे टेबल टॉप के अंतिम छोर को छूने में सफलता प्राप्त कर ली।
मुकाबले में रोमांच से जैसा आगाज हुआ अंजाम में भी वहीं रोमांच देखने को मिला। अंतिम मुकाबला विदेशी बाइक में ओपन वर्ग का हुआ। यहां पर अरविंद और प्रदीप ही हीरो रहे। इस चक्र में सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि इन दोनों रेसरों ने एक बार नहीं बल्कि तीन बार एक साथ दो-दो बम्स को जंप करके पार करने का कारनामा किया। यह जंप देखकर दर्शक बहुत ज्यादा रोमांचित हुए। इन दोनों रेसरों के अलावा एक और रेसर प्रमोद जोसवा ने भी दर्शकों को लुभाने में सफलता प्राप्त की।
अरविंद की कलाबाजी पे सब फिदा
अंतिम मुकाबले के बाद दर्शकों से मिल रहे उत्साह से उत्साहित होकर अरविंद ने ऐसी कलाबाजी दिखाई जिसे दर्शक अब तक टीवी पर या फिर फिल्मों के पर्दे पर ही देखते आए हैं। अरविंद ने बाइक को एक चक्के पर लंबी दूरी तक चलाने का करतब दिखाने के साथ जब बाइक में ब्रेक लगाई तो बाइक का पीछे का चक्का ठीक उसी तरह से ऊपर उठ गया जिस तरह से दर्शकों ने फिल्म धूम में देखा था। लेकिन वह फिल्म थी और यहां पर दर्शकों को साक्षात सामने में यह सब देखने का मौका मिल रहा था।
छत्तीसगढ़ के रेसरों ने भी दिखाई हिम्मत
छत्तीसगढ़ में हुई सुपर क्रास राष्ट्रीय बाइक रेसिंग में छत्तीसगढ़ के रेसरों ेने भी अपनी जांबाजी दिखाने का काम किया। हालांकि इस रेसिंग से दर्शकों को इतना मजा नहीं आया क्योंकि इस वर्ग में कोई भी रेसर बाइक से वह करतब दिखाने में सफल नहीं हुआ जैसे करतब रेसरों ने विदेशी वर्ग में दिखाए। छत्तीसगढ़ के साथ नोवाइस वर्ग में छत्तीसगढ़ के संजय मिंज के साथ प्रवीण यादव और राजेश चक्रवर्ती ने कमाल दिखाया। छत्तीसगढ़ वर्ग में तीनों खिताब रायपुर के रेसरों ने जीते।
ये रहे विजेता
विदेशी वर्ग- प्रथम केपी अरविंद (टीवीएस), द्वितीय एचके प्रदीप, तृतीय प्रमोद जोसवा (तीनों टीवीएस टीम के सदस्य)। क्लास टू में प्रथम आर नटराज, द्वितीय संदीप खुटेगर (टीवीएस टीम), तृतीय प्रीण सनगुमारे (नागपुर)। क्लास तीन- प्रथम केपी अरविंद , द्वितीय प्रमोद जोसवा, तृतीय एचके प्रदीप (तीनों टीवीएस टीम)। क्लास फोर (छत्तीसगढ़ वर्ग) प्रथम प्रवीण यादव, द्वितीय संजय मिंज, तृतीय राजेश चक्रवर्ती (तीनें रायपुर)। क्लास फाईव - प्रथम विशाल भरगुजे द्वितीय आर नटराज (टीवीएस टीम) तृतीय स्नेहल चौहान (पूणे)।





