अब फोल्डिंग ई-बुक
जमाने के साथ अब लोगों की जरूरत के हिसाब से लगातार नए-नए अविष्कार हो रहे हैं। ई-बुक का अविष्कार तो काफी पहले हो चुका है, लेकिन अब विश्व की सबसे छोटे आकार की एक ई-बुक का अविष्कार भी हो गया है। इस ए-4 साइज की ई-बुक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसको फोल्ड करके रखा जा सकेगा। इस ई-बुक में गोल घुमाकर बंद की जाने वाली स्क्रीन बनाई गई है। स्क्रीन की खासियत यह है कि यह टूटती नहीं है।
आज के आधुनिक कम्प्यूटर युग में नीति नए आयाम स्थापित करने की होड़ लगी है। हर कोई ऐसा कुछ नया करना चाहता है जिससे उसकी बनाई गई वस्तु के साथ उसकी भी तारीफ हो। कम्प्यूटर युग में अब घर में भी पुस्तकों का ढेर रखना अब बीते जमाने की बात हो गई है। वैसे आज भी लोग सीधे तौर पर किताबें पढऩा पसंद करते हैं, लेकिन जिनके पास समय की कमी है और कही भी आते-जाते कुछ अच्छा पढऩे की तमन्ना रखते हैं उनके लिए छोटी ई-बुक किसी जादुई पिटारे के कम नहीं है। संभवत: इसी बात को ध्यान में रखते हुए छोटी ई-बुक इजाद की गई है कि आप कही भी आते-जाते विमान या टे्रन की लेट लतीफी से बचने अपनी कार में चलते हुए ट्रैफिक में फंसने के कारण हो रहे विलंब का फायदा उठाते हुए कुछ पढ़ सके।
अभी जिस ए-4 ई-बुक के आने की खबर है उसको बरसों की मेहनत के बाद बनाने में सफलता प्राप्त की है कैम्ब्रिज विश्व विद्यालय ने। इस ई-बुक की स्क्रीन को इस तरह से प्लास्टिक और माइक्रोचिप से लैंस किया गया है कि इसके टूटने का सवाल ही नहीं है। अन्यथा जब इसको गोल घुमाकर बंद करने वाली बनाया गया तो सबसे बड़ा खतरा स्क्रीन के टूटने का था, पर इस खतरे को दूर कर दिया गया है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि इस छोटी ई-बुक को बाजार में लाने का काम कौन सी कंपनी करेगी लेकिन जल्द ही कोई न कोई नामी कंपनी जरूर इसको बाजार में लाने का काम करेगी। इसके बाजार में आने पर सबको इंतजार रहेगा।






