हम अब भी तेरा एतबार करते हैं
तुम्हें हमसे नफरत सही
हम तुम्हें प्यार करते हैं।।
इस हंसी गुनाह को
हम हर बार करते हैं।।
तुम आओगी नहीं जानकर भी
हम तुम्हें बुलाते हैं।।
दिल के आईने में अब भी
हम तेरा दीदार करते हैं।।
ऐ मेरी हमदम तुम्हें तो
वफा के नाम से नफरत है।।
और एक हम हैं जो
जफा से भी प्यार करते हैं।।
गम लिए फिरते हैं
सारे जमाने का दिल में।।
मगर फिर भी न किसी से
शिकायत करते हैं।।
आ जाओ लौटकर तुम
दिल की दुनिया फिर से बसाने।।
हम तो तेरा अब भी
इंतजार करते हैं।।
सब कहते हैं बेवफा तुम्हें
पर हम तेरा अब भी एतबार करते हैं।।
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हम तुम्हें प्यार करते हैं।।
इस हंसी गुनाह को
हम हर बार करते हैं।।
तुम आओगी नहीं जानकर भी
हम तुम्हें बुलाते हैं।।
दिल के आईने में अब भी
हम तेरा दीदार करते हैं।।
ऐ मेरी हमदम तुम्हें तो
वफा के नाम से नफरत है।।
और एक हम हैं जो
जफा से भी प्यार करते हैं।।
गम लिए फिरते हैं
सारे जमाने का दिल में।।
मगर फिर भी न किसी से
शिकायत करते हैं।।
आ जाओ लौटकर तुम
दिल की दुनिया फिर से बसाने।।
हम तो तेरा अब भी
इंतजार करते हैं।।
सब कहते हैं बेवफा तुम्हें
पर हम तेरा अब भी एतबार करते हैं।।






