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बुधवार, जुलाई 08, 2009

प्रिंस पहेली 3

हमारे एक मित्र हैं उनके तीन-तीन बैंकों में खाते हैं। उनकी आदत है कि वे जब भी किसी बैंक में जाते हैं तो जाते समय जहां बैंक के गार्ड को कुछ पैसे देते हैं, वहीं बैंक के अंदर चपरासी को चाय-नाश्ते के लिए भी कुछ पैसे देते हैं। एक दिन जब वे बैंक जाते हैं तो वे सोचकर जाते हैं कि वे आज सबको पांच-पांच रुपए देंगे।

पहली बैंक में जाते समय वे गार्ड को पांच रुपए का एक नोट देते हैं। जब वे अंदर जाते हैं तो उनके पास जितने पैसे रहते हैं बैंक से उनको डबल होकर मिलते हैं। वापसी में वे चपरासी को पांच रुपए देकर निकलते हैं।

दूसरी बैंक में भी वे गार्ड को पांच रुपए देकर अंदर जाते हैं। बैंक में उनको यहां पर भी जितने पैसे बचते हैं उसके डबल मिल जाते हैं। इस बैंक में भी वे चपरासी को पांच रुपए देते हैं।

तीसरी बैंक में अंदर जाने से पहले वे गार्ड को पांच रुपए देते हैं। अंदर उनके पैसे डबल हो जाते हैं। इस बैंक में भी वे चपरासी को पांच रुपए देते हैं। जब वे चपरासी को पांच रुपए देकर बैंक से वापस निकलते हैं तो उनके पास बिलकुल पैसे नहीं बचते हैं।

अब बताना यह है कि हमारे वे मित्र कितने पैसे लेकर बैंक जाते हैं।

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