तुम्हारी आंखें
सागर सी गहरी, झील सी नीली हैं तुम्हारी आंखें
कितनी खुबसूरत और प्यारी हैं तुम्हारी आंखें
जब भी नजर उठती है तडफ़ उठते हैं कई दिल
हर दिल में अरमानों का तूफान उठाती हैं तुम्हारी आंखें
जिसे भी एक बार देख लेती हैं तुम्हारी आंखें
चैन नहीं लेने देती हैं तुम्हारी आंखें
हर सय में नजर आती हैं फिर तुम्हारी आंखें
ख्वाबों में आकर तडफ़ाती हैं तुम्हारी आंखें
इतनी मदमस्त मदभरी हैं तुम्हारी आंखें
किसी को भी दीवाना बना दें तुम्हारी आंखें






