राजनीति के साथ हर विषय पर लेख पढने को मिलेंगे....

सट्टा बाजार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सट्टा बाजार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, अप्रैल 19, 2009

क्रिकेट का सजा बाजार- सट्टे का होने लगा कारोबार

इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के दूसरे संस्करण का बाजार दक्षिण अफ्रीका में सज गया है। उधर बाजर सजा है इधर सट्टे का कारोबार हो रहा है। सट्टा बाजार में इस समय चेन्नई की टीम विजेता के रूप में पहले नंबर पर चल रही है। इसका भाव ४.५० रुपए है। सबसे कम कीमत डेकन की है। इसका भाव ११ रुपए है। छत्तीसगढ़ में हर मैच पर इस समय करोड़ों का सट्टा लग रहा है। पहले मैच में ही सट्टा लगवाने वाले दो बुकी राजधानी में पकड़े गए हैं। आईपीएल के मैचों का आगाज अफ्रीका में हो चुका है। इसी के साथ सट्टा बाजार में टीमों के भाव भी खुल गए हैं। वैसे जैसे-जैसे मैचों के परिणाम सामने आएंगे, वैसे-वैसे टीमों के भाव में भी उतार-चढ़ाव आएगा। लेकिन शुरुआती दौर में सट्टा बाजार में जो भाव सामने आए हैं उनमें विजेता के रूप में चेन्नई की टीम को देखा जा रहा है। इस टीम के भाव इस समय ४.५० रुपए हैं। यानी इस टीम पर एक रुपए का दावा लगाने पर ४.५० रुपए मिलेंगे। दूसरे नंबर पर दिल्ली की टीम है जिसका भाव ४.७० रुपए है। तीसरे नंबर पर मुंबई की टीम का भाव ५.८५ रुपए, चौथे नंबर पर बेगलूर की टीम है जिसका भाव ७.२५ रुपए, पांचवें नंबर राजस्थान की टीम है जिसका भाव ८.०० रुपए, छठे नंबर पर पंजाब की टीम है जिसका भाव ८.२५ रुपए, सांतवें नंबर कोलकाता की टीम है जिसका भाव ८.५० रुपए और सबसे अंतिम याने आठवें नंबर डेकन की टीम है जिसका भाव ११ रुपए है। अगर यह टीम जीत जाती है तो इस टीम पर दाव लाने वाले को एक रुपए के एवज में ११ रुपए मिलेंगे। ये सारे भाव चैंपियनशिप प्रारंभ होने के पहले के हैं। अब जबकि चैंपियनशिप का आगाज हो चुका है मैचों के नतीजों के हिसाब से जहां विजेता टीमें बदलती रहेंगी, वहीं भाव भी कम ज्यादा होंगे। जानकारों की मानें तो आईपीएल के हर मैच पर प्रदेश में करोड़ों का सट्टा लगाया जा रहा है। राजधानी में जहां कई स्थानों के बुकी आकर काम कर रहे हैं, वहीं प्रदेश के कई बड़े बुकी पुलिस के डर से प्रदेश के बाहर जाकर भी अपना कारोबार कर रहे हैं।

Read more...
Related Posts with Thumbnails

ब्लाग चर्चा

मेरी ब्लॉग सूची

  © Blogger templates The Professional Template by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP