कांग्रेसियों ने काटा तिरंगा
अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करने का काम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कांग्रेसियों ने किया। अपनी नेता सोनिया गांधी के जन्मदिन के जश्न में ये कांग्रेसी नेता इस कदर मशगुल हो गए कि वे ये भी भूल गए कि वे क्या कर रहे हैं। इन नेताओं ने तिरंगे वाला केट काटा। इतना करने के बाद भी कांग्रेसियों को इस बात का मलाल नहीं है और वे कहते हैं कि यह तो मामूली बात है, इसे मीडिया बेवजह तूल देने का काम कर रहा है। वैसे अपने देश में तिरंगे का अपमान करना नई बात नहीं है। चाहे वह सानिया मिर्जा का तिरंगे की तरफ पैर रखकर बैठने का मामला हो या फिर मंदिरा बेदी का साड़ी के निचले हिस्से में तिरंगे लगाने का मामला हो।
रायपुर के कांग्रेस भवन में कल जब सोनिया गांधी का जन्म दिन मनाया गया तो वहां पर कांग्रेसियों ने तिरंगे वाला केट काटा। इतना होने के बाद भी कांगे्रेसियों को इस बात का कोई अफसोस नहीं है। कांग्रेसी इस मामले में कहते हैं कि छोटी सी बात का बतगड़ बनाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस के इस कृत्य पर भाजपाई जरूर खफा हैं और इनका मानना है कि कांगे्रेसियों की नजर में देश से बड़ा गांधी परिवार है। कानून के जानकार साफ कहते हैं कि इस मामले में ऐसा करने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें तीन साल की सजा का प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ में जो तिरंगे का अपमान किया गया है, वह अपने देश के लिए नया मामला नहीं है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। सानिया मिर्जा एक बार तिरंग की तरफ पैरे करके बैठीं थीं। मंदिरा बेदी ने अपनी साड़ी के निचले हिस्से में तिरंगा लगा लगा था। और ऐसे कई मामले हो चुके हैं। जिस तिरंग को देश अपनी शान समझता है उसके साथ ऐसा खिलवाड़ करने वालों को तो सजा मिलनी ही चाहिए।
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रायपुर के कांग्रेस भवन में कल जब सोनिया गांधी का जन्म दिन मनाया गया तो वहां पर कांग्रेसियों ने तिरंगे वाला केट काटा। इतना होने के बाद भी कांगे्रेसियों को इस बात का कोई अफसोस नहीं है। कांग्रेसी इस मामले में कहते हैं कि छोटी सी बात का बतगड़ बनाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस के इस कृत्य पर भाजपाई जरूर खफा हैं और इनका मानना है कि कांगे्रेसियों की नजर में देश से बड़ा गांधी परिवार है। कानून के जानकार साफ कहते हैं कि इस मामले में ऐसा करने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें तीन साल की सजा का प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ में जो तिरंगे का अपमान किया गया है, वह अपने देश के लिए नया मामला नहीं है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। सानिया मिर्जा एक बार तिरंग की तरफ पैरे करके बैठीं थीं। मंदिरा बेदी ने अपनी साड़ी के निचले हिस्से में तिरंगा लगा लगा था। और ऐसे कई मामले हो चुके हैं। जिस तिरंग को देश अपनी शान समझता है उसके साथ ऐसा खिलवाड़ करने वालों को तो सजा मिलनी ही चाहिए।






