ताबीज से भागा भूत
कल शाम की बात है हम अपने कजन की दुकान पर बैठे थे तभी एक बंदा आया और उन्होंने हमारे कजन को सूचना दी कि रिश्तेदारी में एक मौत हो गई है और उनका अंतिम संस्कार कल है जिसमें उनके परिवार के किसी को जाना है। उनके जाने के बाद हमारा कजन यह सोचकर परेशान हो रहा था कि यार कहीं उसको ही न जाना पड़े। उसने बताया कि एक बड़ा भाई बाहर गया है। ऐसे में हमने उनसे कहा कि सबसे बड़े भईया को पहले खबर कर दो फिर हमें बताओ कि आखिर तुम किसी के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं जाना चाहते हो। पहले उसने बड़े भाई साहब को खबर की, फिर उसने बताया कि उसके गले में एक ताबीज है जिसको पहनने के बाद वह कभी शमशान घाट नहीं गया। इस ताबीज के बारे में हमने जानना चाहा तो उसने बताया कि यह एक ऐसा ताबीज है जिसको पहनने के बाद उसको भूत से मुक्ति मिली है। इसके बाद उसने वह पूरा किस्सा सुनाया।
हमारे कजन जब वह भाटापारा में रहता था तब एक दिन रात को वह अपने घर की छत पर गया तो उनसे वहां पर टीवी के एंटिना के पास एक परछाई को खड़े देखा। उसके बाद से उसकी हालत खराब होने लगी। उसने बताया कि जब वह सोए रहता था तो लगता था कि कोई उसके ऊपर सवार है और जब उसकी आंखे खुलती थी तो लगता था कि वह मीलों दौड़कर आया है और पसीने-पसीने हो जाता था। यह सिलसिला काफी समय तक चला।
उसने बताया कि एक दिन वह अपने मित्र के घर पर बैठा था तो वहां एक पंडित आए थे। वे उसको बार-बार देख रहे थे और अंत में उन्होंने उससे पूछा कि क्या तुमको कोई परेशानी है। कजन ने पहले तो उनकी बात को टालने की कोशिश की लेकिन जब उन पंडित जी ने उससे साफ-साफ कहा कि उनके ऊपर किसी का साया है जो उसको लगातार परेशान कर रहा है, तब कजन ने सारी बातें उनको बताई। उसकी बात सुनने के बाद उन पंडित जी ने उसको अपने घर बुलाया और बिना कुछ लिए एक ताबीज दिया जिसको उसने गले में पहना। इस ताबीज को देते समय पंडित जी ने उसको एक ही हिदायत दी थी कि कभी शमशान घाट मत जाना, वह दिन है और आज का दिन है कजन फिर कभी किसी के अंतिम संस्कार में शमशान घाट नहीं गया। उसने बताया कि ताबीज पहनने के बाद अब कई साल हो गए है उसको वह भूत परेशान नहीं करता है। ताबीज पहनते ही उस भूत को भागना पड़ा।
यह एक सच्चाई है जो हमें कजन ने बताई है, हो सकता है इस बात पर किसी को यकीन हो और किसी को न हो। भले आज विज्ञान कितना भी आगे बढ़ गया है पर इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि आज जहां एक तरफ दैवीय शक्ति है, वहीं भूत-प्रेत जैसी शैतानी शक्तियों का अस्तित्व भी है जिसको सब मानते हैं। शैतानी शक्तियों पर भारत में ही नहीं विदेशों में भी फिल्में बनती रही हैं और बनती रहेंगी। इन फिल्मों में भी तो कहीं न कहीं सच्चाई ही रहती है। ऐसे किस्से अखबारों में भी छपते रहते हैं। अब यह बात अलग है कि भूत भगाने के नाम पर कई तांत्रिक ठगी का धंधा भी करते हैं। लेकिन सच्चे साधु-संत ऐसी आत्माओं से लोगों को मुक्ति दिलाने का काम भी करते हैं। ऐसे ही एक पंडित ने हमारे कजन को भी भूत से मुक्ति दिलाई थी।





