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सोमवार, मई 02, 2011

मैं प्रधानमंत्री बनी तो देश का लुक बदल दूंगी

महज 13 साल की लड़की सड़क पर किसी आदमी को पोलीथीन फेंकते देखकर कहती है कि अगर मैं कभी देश की प्रधानमंत्री बनी तो देश का पूरा लूक ही बदल दूंगी।
यह लड़की और कोई नहीं बल्कि हमारी बिटिया स्वप्निल राज ग्वालानी हैं। कल की ही बात है, छुट्टी होने के कारण हम स्वप्निल और सागर को घुमाने ले गए थे, जब हम लोग घर वापस आ रहे थे, तभी रास्ते में कार में चल रहे एक आदमी को उसने पोलीथीन फेंकते देखा। इसको देखकर ही उनसे तपाक से कहा कि अगर मैं देश की प्रधानमंत्री बनी तो देश का लुक बदल दूंगी। हमने भी उससे ऐसे ही कुछ सवाल कर दिए, लेकिन उसके जवाब सुनकर जहां हमें इस बात का खुशी हुई कि वह हमारी लड़की है, वहीं हमारा दिमाग चकरा गया कि 13 साल की लड़की की सोच अपने देश के प्रति इतनी गंभीर है।
हमने उससे पूछा कि कैसे लुक बदल देगी?
उसने जवाब दिया, सबसे पहले तो मैं हर तरफ पेड़ लगवाने का काम करूंगी, और,  उसने कहा- सड़कें बनवाउंगी, हर स्थान पर डस्टवीन रखवाऊंगी, ताकि कोई कचरा सड़क पर न फेंके।
हमने पूछा इसके बाद भी क्या कचरा पसंद लोग सड़क पर कचरा नहीं करेंगे, तो उसका जवाब था कि ऐसा करने वालों को सजा दी जाएगी।
और क्या करोगी, पूछने पर उसने कहा कि मैं गरीबों के लिए मकान बनवाने का काम करूंगी, हमारे देश को सब गरीबों का देश कहते हैं, गरीबों के लिए मकान हो जाएंगे, वे काम करने लगेंगे तो हमारे देश को भी रिच कंट्री यानी अमीरों का देश माना जाने लगेगा।
एक सबसे बड़ी बात स्वप्निल ने वह कही जिसके बारे में रामदेव बाबा सहित देश के कई  दिग्गज कहते हैं कि देश के बाहर से देश का काला धन लाने पर देश अमीर हो जाएगा।
इसमें संदेह नहीं है कि अपने देश का जितना कालाधन बाहर है, अगर उसे सच में वापस लाया जा सके तो अपना देश एक बार फिर से सोने की चिडिय़ा बन जाएगा, लेकिन ऐसा कभी हो पाएगा ऐसा लगता नहीं है।  अपना देश जिस तरह से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है उससे लगता नहीं है कि कभी अपने देश के कालेधन को वापस लाने का प्रयास कोई सरकार करेगी। जब सत्ता में बैठने वाले ही पूरी तरह से भ्रष्ट हैं तो फिर किसकी हिम्मत है कि वह देश के बाहर से काले धन को वापस ला सके। राम देव बाबा महज बातें कर सकते हैं, लेकिन उनके चीखने-चिलाने से कुछ होने वाला नहीं है।
बहरहाल हमें इस बात की बहुत ज्यादा खुशी है कि हमारी छोटी सी बेटी अपने देश के बारे में इतना सोचती है, हमने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी कि हमारी बेटी के विचार इतने अच्छे हो सकते हैं। लेकिन कहते हंै न कि खून का असर तो होता है, जब हम अपने देश, राज्य और समाज के लिए लगातार सोचते हैं तो क्यों कर न हमारी बेटी भी ऐसा सोचेगी।
काश अपने देश की हर बेटी और हर बेटा ऐसा सोचने वाला हो जाए तो फिर अपने देश को सोने की चिडिय़ा बनने से काई  नहीं रोक सकता है। हमारी तो भगवान से यही दुआ है कि देश के हर बेटे और बेटी की सोच को हमारी स्वप्निल जैसी कर दे ताकि आने वाले समय में जब ये बड़े हों तो इस देश का वास्तव में ऐसा लुक हो जाए कि लोग वाह-वाह करने लगे तभी हम वास्तव में सर उठाकर कह पाएगा, मेरा देश महान।

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गुरुवार, अप्रैल 16, 2009

मजबूर नहीं मजबूत प्रधानमंत्री चाहिए

अपने देश को आज मनमोहन सिंह जैसे एक मजबूर नहीं बल्कि मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है। एक ऐसे प्रधानमंत्री जो किसी के हाथ की कठपुतली न होकर अपने विवेक से निर्णय लेने की क्षमता रखते हों। (मनमोहन सिंह को सब श्रीमती सोनिया गांधी के हाथ की कठपुतली मानते हैं) देश से आतंकवाद, महंगाई, भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी को समाप्त करने के साथ ही स्विस बैंक में जो देश का पैसा रखा है उसको वापस लाने की हिम्मत जिनमें हों।
ये सारी बातें छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव में मतदाताओं से बातचीत में सामने आईं हैं। 16 अप्रैल को हुए मतदान में जब मतदाताओं से उनके विचार पूछे गए तो जो बातें सामने आईं, वो यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। रायपुर लोकसभा सीट के लिए मतदान करने जा रहे प्रदीप वर्मा ने कहा कि उनका ऐसा सोचना है कि देश को मजबूर नहीं मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है। राधा सोहाने ने कहा कि ऐसा प्रधानमंत्री किस काम का जो दूसरे के हाथ की कठपुतली हो। प्रधानमंत्री को अपने विवेक से निर्णय करना चाहिए, हर निर्णय के लिए दूसरे का मुंह देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश से भ्रष्टाचार समाप्त करने की क्षमता जिनमें हो, ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है। सविता तराटे ने कहा कि देश को सुशासन देने वाले और स्विस बैंक से देश के पैसे को वापस निकालने की ताकत रखने वाले प्रधानमंत्री की जरूरत है। युवाओं को रोजगार देने वाली सरकार ही केन्द्र में होनी चाहिए।
मतदान करके लौट रहीं बीई की छात्रा रूही चोपड़ा ने पूछने पर बताया कि वह इसलिए मतदान करने गईं क्योंकि उनको यह लगता है कि मतदान जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब जहां तक प्रधानमंत्री का सवाल है तो देश को आतंकवाद से मुक्ति दिलाने वाले प्रधानमंत्री की जरूरत है। इसी के साथ गरीबों की मदद करने वाले और देश से भ्रष्टाचार समाप्त करने वाले राष्ट्र के नेता की जरूरत है। पहली बार मतदान करने वाली भारती आहूजा ने पूछने पर तपाक से कहा कि उनका ऐसा मानना है कि इस देश की प्रधानमंत्री तो कोई महिला ही होनी चाहिए। आईएस की तैयारी करने वाली इस छात्रा ने विश्वास से कहा कि वह एक लड़की हैं और उनका ऐसा मानना है कि एक दिन वह भी प्रधानमंत्री बन सकती हैं। भारती के पिता राजेश आहूजा और माता आशा आहूजा ने कहा कि उनका ऐसा मानना है कि केन्द्र में एक स्थाई सरकार होनी चाहिए। सेवक प्रेमचंदानी ने कहा कि जो सरकार अच्छा काम नहीं करती है उनको बदलने की जरूरत होती है और हमने तो इसी मानसिकता के साथ मतदान किया है। पहली बार मतदान करने वाली काशीरामनगर की अगसीया ध्रुव ने कहा कि महंगाई पर रोक लगाने और बेरोजगारों को काम देनी वाली सरकार की जरूरत है। सरिता ध्रुव ने कहा कि वोट लेने के बाद नेता जनता को भूल जाते हैं, जनता की परेशानियों को जानने के लिए उनको अपने क्षेत्र में भी आना चाहिए।
रवि डोडवानी ने कहा कि उनकी नजर में लालकृष्ण अडवानी प्रधानमंत्री होने चाहिए, इसी बात को ध्यान में रख कर मैंने अपना मत दिया है। श्री अडवानी को ही प्रधानमंत्री के लायक मानने वाले सुनील छतवानी ने कहा कि वे भी चाहते हैं कि श्री अडवानी ही प्रधानमंत्री बनें। अपने पति के साथ मतदान करने आईं कविता गुरुबक्षाणी ने कहा कि मतदान जरूरी है, इसका उपयोग सबको करना चाहिए, जो मतदान नहीं करते हैं उनको सजा मिलनी चाहिए। अधिवक्ता अमर गुरुबक्षाणी ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि वे कम से कम 10 लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे, इसमें वे सफल रहे और उन्होंने 10 से ज्यादा लोगों से मतदान करवाने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने पूछने पर कहा कि साफ छवि वाले को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहिए, फिर वे चाहे किसी भी पार्टी के हों। प्रकाश जेठवानी ने कहा कि जो भी सांसद चुने जाते हैं उनको जनता के बीच आते रहना चाहिए। होता यह है कि सांसद ज्यादा से ज्यादा समय दिल्ली में बिताते हैं। अवंति विहार की अनिता तिवारी ने कहा कि देश की सुरक्षा के महत्व को समङाने के साथ महंगाई और आतंकवाद से निपटने की क्षमता रखने वाले प्रधानमंत्री होने चाहिए। अपने पति तमेश आहूजा के साथ मतदान करके लौट रहीं सुमन आहूजा ने कहा कि देश में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बननी चाहिए। भाजपा की सरकार में देश में महंगाई पर अंकुश था, आज महंगाई बेलगाम हो गई है। उन्होंने बताया कि मेरी सहेलियों का भी ऐसा मानना है और हम सबने श्री अडवानी को प्रधानमंत्री बनाने के संकल्प के साथ मतदान किया है। श्रीराम नगर के युवक मोहनीश शिवनकर ने कहा कि जब वे मतदान करने गए थे तो उनके मन में यही था कि जैसा विकास छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया है, वैसा ही विकास देश का होना चाहिए। उनकी माता विजया शिवनकर ने प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह को ठीक मानते हुए कहा कि उनको फिर से प्रधानमंत्री बनना चाहिए। पहली बार मतदान करने वाली रूतिका शिवनकर ने पूछने पर तपाक से कहा कि हम युवा तो चाहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री राहुल गांधी बनें।

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