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मंगलवार, अक्तूबर 04, 2011

क्यों बदले तुम्हारे खयालात

छुट गया उनका साथ
अब नहीं है हाथों में हाथ
नहीं करते वो हमसे बात
कटती नहीं अब तो रात
काश एक बार हो जाए मुलाकात
पूछे उनसे क्यों बदले तुम्हारे खयालात

1 टिप्पणियाँ:

ब्लॉ.ललित शर्मा शुक्र अक्तू॰ 07, 06:39:00 am 2011  

जय हो कविवर

विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

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