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शुक्रवार, फ़रवरी 05, 2010

जन्म दिन हमारे ब्लाग का पार्टी दी संजीव तिवारी ने

तीन फरवरी को हमारे ब्लाग खेलगढ़ का पहला जन्म दिन था। इसी दिन हमारा भिलाई जाना हुआ। भिलाई में हमारी मुलाकात संजीव तिवारी और बीएस पाबला जी से हुई। भिलाई पहुंचने से पहले ही हमारे ब्लाग के 365 दिन पूरे होने की पोस्ट लग चुकी थी। ऐसे में जहां संजू भाई ने हमें बधाई दी, वहीं एक छोटी सी पार्टी हिमालय होटल में दी। इस पार्टी का बिल संजीव जी ने दिया। मजाक-मजाक में यह बात भी निकली की यह कोई प्रायोजित पार्टी नहीं है।

दो फरवरी को सुबह बीएस पाबला जी का फोन आया। हम व्यस्त होने के कारण उनसे बात नहीं कर सके। रात को फिर से पाबला जी से घंटी बजा दी। हमने मोबाइल उठाया तो उधर से आवाज आई कि क्या कोई नाराजगी है?

हमने कहा ऐसी तो कोई बात नहीं है।

पाबला जी ने कहा सुबह फोन किया उठाया नहीं, और पिछले दो-तीन दिनों से बात नहीं हो पा रही है।

हमने पाबला जी को बताया कि काम ज्यादा होने के कारण बात नहीं कर पा रहे थे।

पाबला जी ने कहा तब तो ठीक है।

हमने उनको बताया कि हम कल भिलाई आने वाले हैं, वहां पर राष्ट्रीय वालीबॉल स्पर्धा चल रही है और हमें खेल से जुड़े कुछ मित्रों से भी मिलना है, इसी के साथ हमें वहां कार भी देखनी है क्योंकि एक माह बाद भी हम अब तक बेकार हंै। हमने पाबला जी से कहा कि हम उनसे मिलने जरूर आएंगे फिर भले दस मिनट के लिए आएं। पाबला जी ने पूछा कि हम कितने बजे आएंगे। हमने बताया कि यूं तो हम रायपुर से सुबह 9.30 बजे तक निकल जाएंगे, लेकिन वहां का काम करने के बाद हम उनसे मिलेंगे। पाबला जी ने बताया कि उनकी डयूटी दोपहर दो बजे से है। हमने उनसे वादा किया कि हम इसके पहले उनसे मिल लेंगे। भिलाई में मिलने का कार्यक्रम बना तो पाबला जी ने इसकी सूचना संजीव तिवारी को भी दे दी।

तीन फरवरी को हम भिलाई पहुंचे तो हमने पाबला जी से करीब 11 बजे संपर्क किया और उनको बताया कि हम यहां पहुंच चुके हैं और एक घंटे बाद हम फ्री हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वहां से निकलने से पहले फोन कर देना हम लोग सुपेला में संजीव तिवारी जी के होटल हिमालय में मिलेंगे, वहां तिवारी जी भी रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने संजीव तिवारी को खबर कर दी है। थोड़ी देर बाद संजीव जी का भी फोन आ गया। उन्होंने पूछा कि हम कितने समय आएंगे। हमने बताया कि एक घंटा तो लग जाएगा। उन्होंने कहा कि तब ठीक है। तब तक मेरा काम भी हो जाएगा।

हम करीब 12.30 बजे होटल हिमालय पहुंचे। संजीव जी, होटल के नेट रूम में बैठे थे। वहां से हम लोग रेस्टोरेंट में आ गए। इस बीच संजीव जी ने हमें खेलगढ़ का एक साल पूरा होने पर बधाई दी। पाबला जी के इंतजार में एक दौर काफी का हो गया। जब पाबला जी आए तो फिर छोटी सी नाश्ते की पार्टी का दौरा चला और अंत में फिर से एक बार काफी का दौरा चला। इस बीच बातों-बातों में यह बात निकली कि आज खेगगढ़ का जन्म दिन है और पार्टी दे रहे हैं संजीव तिवारी जी। इसी बीच पाबला जी से मजाक में कहा कि भईया जब भी इस छोटी सी बैठक के बारे में कोई भी लिखे तो यह जरूर लिख देना कि यह पार्टी प्रायोजित नहीं थी, इसका बिल संजीव जी ने दिया है। पाबला जी के इस मजाक पर संजीव जी और हम हंस पड़े।

बहरहाल दस मिनट मिलने की बात हुई थी, पर करीब दो घंटे तक हम लोग बैठे रहे और इस बीच सारी चर्चा ब्लाग जगत पर ही होती रही। इस बीच जहां ललित शर्मा जी का फोन आ गया, वहीं संजीव तिवारी के पास संजीत त्रिपाठी का फोन आ गया। हम लोगों की छोटी की बैठक की सूचना सबको हो गई थी। ललित जी ने हमसे कहा कि उनको बता देते तो वे भी साथ हो लेते। हमने उनको बताया कि हम अपने किसी काम से आए थे, ऐसे में इस मुलाकात की बात तय हुई थी।

इसी बीच पाबला जी ने बताया कि 7 फरवरी को प्रेस क्लब रायपुर में नए-पुराने ब्लागरों के किए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। चलते-चलते हम बता दें कि हमारी इस छोटी सी बैठक में गुप्त एजेंडे वाली बात पर भी चर्चा चली, जिस पर हमने कल ही एक पोस्ट लिखी थी, पर अब यह सारा मामला समाप्त हो चुका है और हम कोई भी ऐसी बात नहीं करना चाहते हैं जिससे किसी भी तरह के विवाद को तूल मिले। हमारा एक मात्र मकसद छत्तीसगढ़ के ही नहीं बल्कि समूचे विश्व के ब्लागरों को भाई चारे और प्यार के एक ऐसे अटूट बंधन में बांधना है जिस बंधन को बड़े से बड़ा विवाद भी न तोड़ सके। अगर हमारे मन में विश्वास है तो हमें सफलता जरूर मिलेगी, ऐसा हमारा विश्वास है। चलिए मिलते हैं एक दिन के ब्रेक के बाद।


जय हिन्द, जय भारत, जय छत्तीसगढ़ और जय ब्लाग बिरादरी।


नोट:- फोटो पाबला जी ने अपने कैमरे से खींची थी, उनसे फोटो प्राप्त नहीं हो पाई है, इसलिए हम भिलाई के पिछले प्रवास की एक फोटो लगा रहे हैं।

16 टिप्पणियाँ:

ललित शर्मा शुक्र फ़र॰ 05, 07:41:00 am 2010  

बधाई हो।
अकेले ही अकेले गए
ये दस्तुर नही है
आपने अकेले ही खाई मि्ठाई
ये हमे मंजुर नही है।

जय हो।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi शुक्र फ़र॰ 05, 07:52:00 am 2010  

बधाई!
होती रहें ऐसी ही अनौपचारिक मुलाकातें।

Udan Tashtari शुक्र फ़र॰ 05, 08:14:00 am 2010  

क्या खाया गया, ये तो बताना था. :)

बी एस पाबला शुक्र फ़र॰ 05, 08:46:00 am 2010  

उड़न जी के सूचनार्थ:
तीन दौर में, पकौड़े व सैण्डविच खाए गए

चूंकि पीने के बारे में कोई प्रश्न नहीं हुआ है अत: वह नहीं बताया जा रहा :-)

बी एस पाबला

राजकुमार ग्वालानी शुक्र फ़र॰ 05, 09:27:00 am 2010  

ललित जी,
आप जब चाहे रायपुर आ जाएं आपकी मिठाई फ्रीज में रखी है, अब यह आपके ऊपर निर्भर है कि उस मिठाई को कितना पुराना करके खाना चाहेंगे।

राजकुमार ग्वालानी शुक्र फ़र॰ 05, 09:29:00 am 2010  

समीर लाल जी,
पाबला जी ने तो नाश्ते का राज खोल दिया। वैसे नाश्ता तो गुप्त एजेंडे में शामिल था। पाबला जी पर यह राज खोलने के लिए एक नाश्ते की पार्टी का जुर्माना हो गया है, अब जब भी भिलाई जाना होगा, नाश्ता का बिल उनको देना पड़ेगा। इस बार तो साथ में ललित शर्मा भी जाएंगे यानी पाबला जी का खर्च ज्यादा होगा।

ताऊ रामपुरिया शुक्र फ़र॰ 05, 10:24:00 am 2010  

भाई मिठाई हमें कोरियर से भिजवा दी जाये. अकेले अकेले खाना अच्छी बात नही है.:)

रामराम.

डॉ महेश सिन्हा शुक्र फ़र॰ 05, 10:28:00 am 2010  

ऐसे ही सब मिलते जुलते रहें

बी एस पाबला शुक्र फ़र॰ 05, 11:59:00 am 2010  

आप ललित जी के साथ आएँगे?
नाश्ते का बिल भी मुझे देना पड़ेगा!
राजकुमार जी, आपने मुझे चिंता में डाल दिया।

अब मुझे उस नाश्ते के बिल का प्रायोजक तलाशना पड़ेगा। आजकल ऐसा ही फैशन है, बताया जा रहा है।

बी एस पाबला

Sanjeet Tripathi शुक्र फ़र॰ 05, 12:54:00 pm 2010  

badhiya..

bhaiya aisa hai prayojak koi bhi rahe, apan ko aapne party nai di, so apan ko party dene k liye taiyar rahein...

;)

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari शुक्र फ़र॰ 05, 08:53:00 pm 2010  

बधाई हो भाई साहब.


संजीत जी का फोन जब आया तो आप लोग मेरे साथ थे पर जब आपने मजाक मे ही हाथ हिलाया तो मैने समझा कि इस मिलन की बात पोस्ट लिखने तक पोस्टपोन कर के रखना है इसलिये मैने संजीत को कहा कि आप लोग आने वाले है.

इस पोस्ट को सुबह से पढने के बाद से झूठ बोलने की आत्मग्लानि मुझे साल रही है, क्या करे.
बहरहाल आपने बहुत सुन्दर विवरण लिखा इसके लिये धन्यवाद.

Ramesh Sharma शुक्र फ़र॰ 05, 09:48:00 pm 2010  

ग्वालानीजी
जान कर बहुत सुखद लगा कि आपका ब्लॉग तीन वर्ष पूरे कर चुका है . हार्दिक बधाई.
नए कलेवर और साज-सज्जा में राजतंत्र सचमुच राजसी लग रहा है. डटे रहिए.रायपुर में ही हूँ, कभी मुलाक़ात होगी|
-रमेश शर्मा
शर्मारमेश.ब्लॉग स्पाट.कॉम

अजय कुमार झा शुक्र फ़र॰ 05, 10:51:00 pm 2010  

वाह राज भाई , यही तो फ़ायदा होता है पास पास ब्लोगर मित्र होने का जब चाहो मिल बैठो, मगर चलिए दूर भी हुए तो क्या हुआ , बस पहुंचने वाले हैं जल्दी ही आप लोगों से सारे ड्यूस पार्टियां लेने के लिए , जल्द ही आपको तारीख की सूचना देते हैं ,बधाई और शुभकामनाएं
अजय कुमार झा

सूर्यकान्त गुप्ता शनि फ़र॰ 06, 03:52:00 pm 2010  

ब्लॉग बर्थ डे के बहुत बहुत बधाई
जय राम जी की राजकुमार भाई
ब्लॉग के जन्मदिन के दिन के
खाए चीज के चलत हें पगुराई
नवा मन ल भुला भुला जाई

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