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शुक्रवार, फ़रवरी 26, 2010

जब याद आती है वो होली



जब भी आती है रंग-बिरंगी होली
हमें याद आती है एक सूरत भोली।।

थी जो कभी हमारी हमजोली
एक गांव की वो प्यारी गोरी।।

दिल कर गई थी जो हमारा चोरी
चहकते हुए थी वो हमसे बोली।।

याद रखना ये पहली होली
जो तुमने हम संग है खेली।।

भूल न जाना गुलाल की हथेली
प्यारी-प्यारी ये हमारी अठखेली।।

याद कर लेना जब भी आए होली
मेरे प्यारे प्रियतम मेरे हमजोली।।

नोट: यह कविता भी हमारी 20 साल पुरानी डायरी की है।

5 टिप्पणियाँ:

neha शुक्र फ़र॰ 26, 01:16:00 pm 2010  

20 साल पहले की यादें आज भी आपको कचौती है ऐसा लगता है

sanjay varma,  शुक्र फ़र॰ 26, 01:17:00 pm 2010  

बहुत अच्छी रचना है

Udan Tashtari शुक्र फ़र॰ 26, 07:01:00 pm 2010  

२० साल से हर बरस चिकोटी काटती होगी यह रचना ऐन होली के समय. :)

ZWXÀfû»f,  शुक्र फ़र॰ 26, 08:24:00 pm 2010  

अच्छी रचना है

manoj,  शुक्र फ़र॰ 26, 10:09:00 pm 2010  

बड़ी ही रंगीली कविता है, बधाई

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