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शनिवार, जुलाई 17, 2010

पप्पू के पापा सीताराम ...

एक महिला के घर में महिलाओं की भजन मंडली जुटी थी और रघुपति राघव का गाना कर रही थी। एक तरफ जहां सारी महिलाएं रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम गा रही थीं, वहीं एक बुजुर्ग महिला गा रही थी रघुपति राघव राजा राम पप्पू के पापा सीताराम। जब एक महिला से रहा नहीं गया तो उन्होंने उस महिला से पूछ लिया कि आप यह क्या गा रही है, तब उन महिला को एक अन्य महिला ने बताया कि क्योंकि इनके पति का नाम पतित पावन है इसलिए वह ऐसा गा रही है। अपने हिन्दु धर्म में कम से कम पुराने जमाने की महिलाएं अपने पति का नाम नहीं लेती हैं।

3 टिप्पणियाँ:

patit pawan शनि जुल॰ 17, 01:41:00 pm 2010  
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राजकुमार ग्वालानी शनि जुल॰ 17, 03:48:00 pm 2010  

पतित पावन
वाह जनाब आखिर आप फिर आ ही धमके न। अगर आपने इसी तरह से नाम बदलने का सिलसिला जारी रखा तो जल्द नाम बदलने का विश्व रिकार्ड आपके नाम होगा। अपना जिनका खुद का वजूद न हो ऐसे लोगों से बात करने का और उनकी बातों का क्या बुरा मानना।

patit pawan शनि जुल॰ 17, 07:34:00 pm 2010  
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