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सोमवार, अप्रैल 05, 2010

कांटों के बदले दो फूल-कांटे बोने वाला अपनी हरकतों में ही जाएगा झूल

हमें एक बात समझ में नहीं आती है कि क्यों कर लोग बिनावजह किसी की भी टांग खींचने का काम करते हैं। हम सीधे सड़क पर जा रहे हैं और कोई बेवजह हमसे आकर उलझ जाए तो इसे क्या समझा जाए। क्या किसी की टांग खींचने में सुख मिलता है। हमें तो नहीं लगता है कि ऐसा हो सकता है, लेकिन न जाने क्यों लोग फिर भी ऐसा काम करते हैं।  हम जानते हैं ऐसी हरकतें करने वालों को अगर किसी तरह का प्रतिउत्तर न दिया जाए तो जरूर एक दिन इनको अपनी हरकतों को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हमारे कहने का मतलब यह है कि कोई हमें  कांटे देता है तो हम उसे इसके बदले में फूल देने चाहिए। फूल देने चाहिए का मतलब है कि हम उनकी किसी भी गलत हरकत का जवाब ही न दें।

हमने जब ब्लाग जगत में कदम रखा था तो हमें लगा था कि वास्तव में यह एक अच्छी दुनिया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह वास्तव में अच्छी दुनिया है। लेकिन किसी भी दुनिया में अच्छाई हो और वहां पर बुराई न हो यह संभव नहीं है। लेकिन कई बार मन इसलिए विचलित हो जाता है क्योंकि जिसे हम जानते भी नहीं हैं जिसके साथ हमारी कोई अन-बन भी नहीं है ऐसे लोग बिनावजह टांग खींचने का काम करते हैं। हमारा ब्लाग जगत में किसी से कोई पंगा नहीं है। अब यह बात अलग है कि कोई हमें अपना दुश्मन समझता हो तो बात अलग है। हमें लगता है कि कई लोगों की बिनावजह दुश्मन बनाने की आदत होती है। अगर ऐसा नहीं है तो क्यों कर लोग किसी के ब्लाग में अनाप-शनाप टिप्पियां करते हैं और वो भी फर्जी आईडी के माध्यम से।
हमने कुछ समय पहले तक अपने ब्लाग को पूरी तरह से खुला रखा था। माडरेशन हमने अब भी नहीं लगाया। हम ऐसा करना भी नहीं चाहते हैं लेकिन लगता है कि शायद ऐसा हमें भी करना पड़ेगा। न जाने वो कौन सा बंदा है जिसे हमसे अदावत है जो हमारी पोस्ट में अनाप-शनाप टिप्पणियां करने का काम करता है। हम कई बार देख चुके हैं और उनको नजरअंदाज भी कर रहे हैं। हम तो यहां पर इस विचार से चल रहे हैं अगर आपको कोई इंसान कुछ गलत चीज दे रहा है तो उसे आप ले ही नहीं तो वो चीज आपके पास आएगी ही नहीं। ऐसे में वो चीज उसी इंसान के पास रह जाएगी। अगर आपको कोई गाली देता है तो आप उस गाली को कबूल करेंगे तभी आपको दुख होगा। गाली देने वाला तो जरूर यह सोचकर खुश हो जाएगा कि उसने हमें गाली दे दी है, लेकिन जब उसको यह मालूम हो जाए कि हमने उसकी गाली को लिया ही नहीं है और वह उसी के पास रह गई है तो उसे दुख तो नहीं होगा, लेकिन गुस्सा जरूर आएगा और ऐसे गुस्से में जरूर वह और ज्यादा गालियां देने का काम करेंगे, यहां पर हम फिर से उसकी गालियों को कबूल नहीं करेंगे और वो सारी गालियां उसी की झोली में रह जाएगीं। तो मित्रों ऐसे इंसानों का कुछ किया नहीं जा सकता है, इसकी फितरत ही ऐसी है इनको लगता है कि दूसरों को परेशान करके सुखी रह सकते हैं। ऐसा सोचना इनकी बहुत बड़ी गलती है। कोई भी इंसान किसी को कष्ट देकर कभी सुख में नहीं सकता है। जिससे आपकी कोई अदावत नहीं है वह ऐसी हरकत करता है तो उसकी ऐसी हरकत उसी के लिए एक दिन घातक साबित होती है। जब उसकी हरकत का उसको प्रतिउत्तर नहीं मिलता है तो एक दिन इसी से दुखी हो जाता है। ऐसे लोगों की बातों का प्रतिउत्तर नहीं देना चाहिए। हम भी कोई प्रतिउत्तर नहीं दे रहे हैं हम अपने ब्लागर मित्रों को सचेत कर रहे हैं कि ऐसे लोगों की अपनी हरकतें करने दें एक दिन थक हार कर ये खुद अपनी हरकतों को बंद कर देंगे। अगर हम अपनी राह में कांटे बिछाने वालों की तरफ ध्यान ही नहीं देंगे तो वो कांटे हमें नजर ही नहीं आएंगे।

4 टिप्पणियाँ:

tahseeldar सोम अप्रैल 05, 07:12:00 am 2010  

आप ऐसे लोगों की फिक्र किये बगैर अपने काम में लगे रहें। हमारा मानना है कि दुनिया में हर तरह के लोग होते हैं, किस-किस से पंगा लेंगे।

Sanjeet Tripathi सोम अप्रैल 05, 01:54:00 pm 2010  

aise logo ka tension lene ka nahi, just avoid them.... yahi sabse sahi rasta hai

Anil Pusadkar सोम अप्रैल 05, 05:32:00 pm 2010  

राजकुमार टेंशन लेने का नही, देने का.

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