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गुरुवार, अप्रैल 29, 2010

मैच नहीं खिलाड़ी होते हैं फिक्स

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर विजय      भारद्वाज  से बातचीत
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सितारे विजय भारद्वाज का कहना है कि मैच तो किसी कीमत पर फिक्स नहीं हो सकते हैं। लेकिन यह बात जरूर है कि खिलाड़ी फिक्स हो जाते हैं। आईपीएल के विवाद के सवाल पर वे उठकर खड़े हो गए और पत्रकारों से बात किए बिना चले गए।
यहां पर छत्तीसगढ़ के क्रिकेटरों को क्रिकेट के गुर सिखाने आए श्री भारद्वाज सुबह को खेल पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। मैच फिक्स होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह सब मीडिया की उपज है, कोई भी मैच फिक्स नहीं हो सकता है। उनको जब मनोज प्रभाकर द्वारा लगाए गए आरोपों का हवाला दिया गया तो उन्होंने कहा कि इस बात से भले इंकार नहीं किया जा सकता है कि खिलाड़ी फिक्स होते हैं। किसी बल्लेबाज या गेंदबाज को फिक्स करने का मतलब मैच का फिक्स होना नहीं है। खिलाडिय़ों के फिक्स होने को मीडिया ने ही मैच फिक्सिंग का नाम दे दिया है।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी प्रतिभाशाली
छत्तीसगढ़ के खिलाडिय़ों को पिछले दो दिनों से प्रशिक्षण दे रहे श्री भारद्वाज ने पूछने पर कहा कि इनमें कोई दो मत नहीं है कि यहां के खिलाड़ी प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने कहा कि वे अभी अंडर १९ साल की टीम को तैयार करने का काम कर रहे हैं। इस टीम में कई खिलाड़ी प्रतिभावान हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को रणजी खेलने के लिए कम से कम तीन साल तो इंतजार करना ही होगा। यहां की प्रतिभाओं के कारण मैं ऐसा कह रहा हूं, अन्यथा पांच साल से पहले नए राज्य की टीम को मौका नहीं मिलता है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ में क्रिकेट अकादमी जरूरी है। अब यह तो यहां के संघ पर निर्भर करता है कि वह कब अकादमी प्रारंभ करता है।
ऐसा स्टेडियम देखा नहीं कहीं
भारतीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए)के कोच विजय भारद्वाज ने परसदा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा स्टेडियम देश में और कहीं नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि इस स्टेडियम का उपयोग होना जरूरी है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि इस स्टेडियम में जब तक अंतरराष्ट्रीय मैच की मंजूरी बीसीसीआई से नहीं मिलती है तब तक घरेलू क्रिकेट रणजी, दिलीप, ईरानी, देवधर ट्रॉफी के मैच करवाने चाहिए। जितने ज्यादा मैच यहां होंगे स्टेडियम की पिच भी अच्छी होगी। उन्होंने प्रदेश के क्रिकेट संघ की तारीफ करते हुए कहा कि यहां का संघ बहुत अच्छा काम कर रहा है। संघ ने पिछले साल यहां पर अंडर १९ की स्पर्धा करवाई। उन्होंने संघ को सलाह देते हुए कहा कि यहां पर जितनी ज्यादा स्पर्धाएं होंगी और यहां के खिलाडिय़ों को जितनी बार बाहर खेलने के लिए भेजा जाएगा, यहां की प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा। उन्होंने पूछने पर बताया कि वे यहां के खिलाडिय़ों को १० मई तक प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने बताया कि ३० खिलाडिय़ों के साथ वे यहां के प्रशिक्षकों को भी मार्गदर्शन देने का काम कर रहे हैं ताकि वे आगे चलकर खिलाडिय़ों को तैयार करने का काम कर सके। उन्होंने कहा कि एनसीए ने उनको यहां भेजा है तो वे यहां से प्रशिक्षण देने के बाद वहां जाकर अपनी रिपोर्ट देंगे कि यहां पर किस तरह की सुविधाएं और होनी चाहिए। इसी के साथ वहां से भी यहां के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा ताकि जो काम हमने आज प्रारंभ किया है, नियमित रूप से जारी रहे।
ओलंपिक में आ सकता है क्रिकेट
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि क्रिकेट को २०२० में ओलंपिक में शामिल करने पर विचार तो चल रहा है। उन्होंने कहा कि २०-२० क्रिकेट जरूर ओलंपिक में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि वैसे आईसीसी के जो एसोसिएट सदस्य हैं उनमें स्तरीय क्रिकेट नहीं है, ऐसे में ओलंपिक में जब क्रिकेट को शामिल किया जाएगा तो देखने वाली बात होगी कि इसको कितने देश खेलते हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि असली क्रिकेट तो वे टेस्ट क्रिकेट को ही मानते हैं।
आईपीएल के सवाल पर उठ गए
आईपीएल विवाद पर सवाल किए जाने पर श्री भारद्वाज उठकर चले गए। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहते हैं। यहां यह बताना लाजिमी है कि पूरे देश में आईपीएल को लेकर बवाल मचा हुआ है और इसस बवाल में ललित मोदी को अपना पद भी खोना पड़ा है।

6 टिप्पणियाँ:

anu गुरु अप्रैल 29, 07:39:00 am 2010  

चला कोइर् तो बोला....

honesty project democracy गुरु अप्रैल 29, 08:08:00 am 2010  

जब इन्सान का सोच स्वार्थ और लोभ-लालच के बंधन में बंध जाता है ,तो क्या खिलाडी ,क्या उसूल सब पैसे के पीछे बोलते हैं तथा सब पहले ही ईमानदारी को जूते तले रोंदकर फिक्स हो जाता है ,जो मानवता के लिए खतरनाक बात है / हम आपको अपने इस पोस्ट http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/04/blog-post_16.html पर देश हित में १०० शब्दों में अपने बहुमूल्य विचार और सुझाव रखने के लिए आमंत्रित करते हैं / उम्दा विचारों को हमने सम्मानित करने की व्यवस्था भी कर रखा है / पिछले हफ्ते अजित गुप्ता जी उम्दा विचारों के लिए सम्मानित की गयी हैं /

ललित शर्मा गुरु अप्रैल 29, 09:26:00 am 2010  

बहुत ही बढिया साक्षात्कार है राजकुमार भाई
इसी तरह लगे रहिए,कभी हमें भी स्थान दिजिए।
हम भी खिलाड़ी थे।


खेल ना समझा तेरे प्यार को हमने वर्ना
हम जब भी खेले हैं तो हार नहीं है।

आमीन

नरेश सोनी गुरु अप्रैल 29, 10:18:00 am 2010  

बिलकुल ठीक कहा भाई साहब ने।
ऐसे फिक्सरों पर आजीवन पाबंदी जैसी कार्यवाही कड़ाई से होनी चाहिए।

नरेश सोनी गुरु अप्रैल 29, 10:19:00 am 2010  

ललित जी की दो पंक्तियों ने तो कॉन्फिडेंस बढ़ा दिया।

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