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मंगलवार, जून 29, 2010

छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक होगी बैटन रिले

छत्तीसगढ़ की घरा पर जब कामनवेल्थ की बैटन रिले का आयोजन किया जाए तो यह आयोजन इतना भव्य और ऐतिहासिक होना चाहिए कि देश में छत्तीसगढ़ की गूंज हो कि ऐसा आयोजन और कहीं नहीं देखा गया। आयोजन को ऐतिहासिक बनाने पर जहां पर हर खेल संघ के पदाधिकारियों ने जोर दिया, वहीं खेल मंत्री लता उसेंडी के साथ खेल विभाग के सभी अधिकारियों ने भी इस बात पर बल दिया कि आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में विभाग कोई कसर नहीं छोड़ेगा। बैटन पड़कने वाले धावकों के लिए यह तय किया गया कि कम संख्या को देखते हुए हर खेल से एक खिलाड़ी या संघ का पदाधिकारी रखा जाए। खिलाडिय़ों में पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को प्राथमिकता दी जाएगी। ५० के कोटे में करीब ३० खिलाडिय़ों को रखने पर सहमति बनी है।
कामनवेल्थ की मशाल यानी बैटन का आगमन छत्तीसगढ़ की जमीं पर ११ अगस्त को हो रहा है। अगले दिन १२ अगस्त को रायपुर में बैटन रिले का आयोजन होना है। इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के साथ धावकों की संख्या पर चर्चा करने के लिए आज खेल विभाग ने खेल मंत्री लता उसेंडी की अध्यक्षता में खेल संघों के साथ एक बैठक का आयोजन नए विश्राम गृह में किया था। इस बैठक में सबसे पहले खेल संघों के पदाधिकारियों से सुझाव मांगे गए। तीरंदाजी संघ के कैलाश मुरारका ने सबसे पहले सुझाव देते हुए कहा कि धावकों की कम संख्या को देखते हुए एक खेल से एक ही खिलाड़ी रखा जाए। उन्होंने आयोजन से सामाजिक संस्थाओं को भी जोडऩे की बात कही। नेटबॉल संघ के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री विधान मिश्रा ने कहा कि धावकों के लिए पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि अनुमानत: २० से २२ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। इसमें से कुछ बाहर हो सकते हैं। श्री मिश्रा ने भी सामाजिक संस्थाओं को जोडऩे की बात के साथ रिले को भगत सिंह चौक के स्थान पर दीनदयाल चौक से प्रारंभ करने का सुझाव दिया। ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय पांडे ने कहा हर खेल के नहीं बल्कि मान्यता प्राप्त खेलों के अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को रखा जाए। संजय शर्मा ने कहा कि पदक पाने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को पहले रखा जाए। टेबल टेनिस के अध्यक्ष शरद शुक्ला ने बैटन रिले को सफल बनाने सभी खेल संघों को मिलकर काम करने की बात कही। पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने सांस्कृतिक संध्या के साथ खेल संस्कृति को भी शामिल करने की बात कही। विजय अग्रवाल ने ध्यान दिलाया कि बैटन रिले एमजी रोड़ ने नहीं जा सकेगी इसलिए मार्ग को बदलना चाहिए। एथलेटिक्स के आरके पिल्ले ने कहा कि रिले में खिलाडिय़ों को ज्यादा मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों की सूची तय करने का जिम्मा खेल संघों को दिया जाए ताकि विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर विशेष मंच बनाकर स्वागत किया जाए। विष्णु श्रीवास्तव ने कहा कि एयरपोर्ट पर बैटन का स्वागत करने के लिए खेल मंत्री के साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी रहने का आग्रह किया जाए। वहां पर स्वागत को ऐतिहासिक बनाने हर खेल संघ के पदाधिकारी और खिलाड़ी भी उपस्थित रहे। ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनिल वर्मा ने भी अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को वरिष्ठता के आधार पर रखने का सुझाव देते हुए सभी खेल संघों को मिलकर काम करने की बात कही। प्रदेश ओलंपिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि बैटन का स्वागत छत्तीसगढ़ की संस्कृति के अनुरूप होना चाहिए।
खेल संघ होर्डिंग्स लगाएंरायपुर के सांसद और तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष रमेश बैस ने कहा कि आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बैटन रिले से प्रदेश के हर गांव को जोडऩा होगा। उन्होंने जहां मिले सुर मेरा-तुम्हारा की तर्ज पर कोई धुन बनाने का सुझाव दिया, ताकि इस धुन को स्थानीय चैनलों के साथ एफएम में भी चलाया जा सके। वहीं रायपुर के साथ राजनांदगांव, भिलाई-दुर्ग में खेल संघों से होर्डिंग्स लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हर खेल संघ अपने सामर्थ के हिसाब से दो-चार होर्डिंग्स लगाए। उन्होंने कहा कि जब तक रिले का अच्छी तरह से प्रचार प्रसार नहीं होगा इसको ऐतिहासिक कैसे बनाए जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार सही होने पर रिले को जरूर ऐतिहासिक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब रायपुर में गणेश विसर्जन में गांव-गांव से लोग आकर सारी रात रह सकते हैं तो ऐसे ऐतिहासिक समय में क्यों कर गांव के लोग आना नहीं चाहेंगे, बस उन तक सूचना पहुंचाने का काम करना है।
यथार्थ में खिलाडिय़ों का सम्मान हो
रायपुर के विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा कि यहां पर हर कोई अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों को सम्मान देने की बात कह रहा है। लेकिन यह सब बैठक तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। होता यही है कि बैठकों में जिन खिलाडिय़ों  को सम्मानित करके आगे रखने की बात की जाती है, वहीं खिलाड़ी कार्यक्रमों में मंत्रियों और वीआईपी के कारण पीछे हो जाते हैं। मैंने कई कार्यक्रमों में खिलाडिय़ों को धक्के खाते देखा है, बैटन रिले में ऐसा न इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी के साथ बैटन रिले वाले दिन सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित करना चाहिए, ताकि हर कोई बैटन रिले के ऐतिहासिक पल को देख सके।
आयोजन ऐतिहासिक होगा: लता
खेल मंत्री लता उसेंडी ने कार्यक्रम के अंत में भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ में बैटन रिले का आयोजन ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार के लिए ही पंचायत स्तर से बैटन रिले पर क्वीज का आयोजन स्कूल और कॉलेजों में किया गया है। ऐसे में गांव-गांव तक बैटन रिले की सूचना पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि बैटन रिले के बारे में सभी जाने इसी बात को ध्यान में रखते हुए क्वीज का आयोजन किया गया है। पंचायत के बाद राज्य स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को बैटन रिले के दिन सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति के अनुरूप जहां बैटन का स्वागत होगा, वहीं गुजराती दक्षिण और राजस्थान की संस्कृति का भी समावेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। खेलमंत्री ने कहा कि यह बात तय है कि छत्तीसगढ़ का आयोजन ऐसा होगा जिस पूरा देश याद रखेगा। अंत में खेल सचिव सुब्रत साहू ने आभार प्रदर्शन करते हुए खेल संघों ने अपने खेलों के खिलाडिय़ों के नामों की सूची सात दिनों में देने की अपील की। उन्होंने बैटन रिले पर संस्कृति विभाग के साथ मिलकर कोई धुन तैयार करने की बाक कही। उन्होंने खेल संघों से वालेनटियरों के भी नाम देने की अपील की।  

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