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बुधवार, अक्तूबर 27, 2010

सलमान के 10 मिनट के लिए फूंकें लाखों रुपए

छत्तीसगढ़ सरकार ने सलमान के महज 10 मिनट के लिए ही लाखों रुपयों की बर्बादी कर दी। राज्योत्सव में बुलाए गए सलमान खान मंच पर बमुश्किल दस मिनट रहे और चले गए। सलमान तो आकर चले गए, पर उनके प्रशंसकों को उनके लिए पुलिस की लाठियां तक खानी पड़ीं। इसी के साथ सलमान के आने के कारण रास्ते बंद होने से आम जनों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार में बैठे मंत्रियों और प्रशासकों ने सलमान को राज्य की जनता के लिए बल्कि अपने लिए बुलाया था। वैसे भी कोई भी स्टार कभी जनता के लिए नहीं बल्कि बुलाने वालों के लिए होता है। जनता तो बेचारी दूर से भी बड़ी मुश्किल से उनका नजारा कर पाती है।
छत्तीसगढ़ के दस साल पूरे होने पर सरकार ने भी दस का दम दिखाने के लिए सलमान खान को बुला लिया। जब सलमान के आने की बात हुई तो लगा कि यार वास्तव में सरकार दस का दम दिखाना चाहती है। लेकिन सलमान के आकर चले जाने के बाद मालूम हुआ कि वास्तव में सरकार ने दस का दम दिखाया। लेकिन यह दम इस तरह से नहीं जिस तरह से सोचा गया था, बल्कि इस तरह से कि सलमान ने भी महज दस मिनट मंच पर रहकर दस का दम दिखाया और चले गए। इस बीच वे मंच पर मुख्यमंत्रियों के साथ मंत्रियों और प्रशासिनक अधिकारियों से ही घिरे रहे। आम जनता पर सलमान ने कुछ डायलाग बोलकर अहसान किया और चले गए जनता का लाखों रुपए बर्बाद करके।
सलमान खान को बुलाने के लिए सरकार ने कितना पैसा खर्च किया इसका खुलासा तो नहीं किया गया है, लेकिन इतना तय है कि सलमान जिस विशेष विमान से रायपुर आए और लौटे हैं उसका खर्च भी सरकार ने किया होगा। इसी के साथ उनको भी लाखों की राशि दी गई होगी। कुल मिलाकर लाखों रुपए का खर्च सलमान के पीछे सरकार ने अपने लिए ही तो किया। सलमान के आने से किसका फायदा हुआ? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। उनसे मिलने का मौका तो बस सरकारी नुमाइंदों को ही मिला। आम जनता और उनके प्रशंसक तो उनकी एक झलक भी ठीक से नहीं देख पाए। जिन्होंने विमानतल और साइंस कॉलेज में उनको करीब से देखने की कोशिश की उनको पुलिस की लाठियां खानी पड़ीं। वैसे भी आम जनता तो पुलिस की लाठियां खाने के लिए ही होती है। अब यह बात अलग है कि आम जनता यह जानते हुए भी ऐसी कोशिश करती है कि उनको अपने एक चहेते कलाकार की एक झलक देखने का मौका मिल जाए। वास्तव में ऐसी दीवानगी तो अब अपने देश में संभव है कि यहां के युवा फिल्म स्टारों के पीछे पागल हैं। वरना विदेशों में बड़े-बड़े से स्टार सहज रूप से आम लोगों से मिल लेते हैं। वहां न तो कोई सुरक्षा और न ही कोई ताम-झाम होता है।  लेकिन यह अपना इंडिया है जनाब। यहां के स्टार तो बस वीआईपी के लिए बने हैं, क्योंकि वे खुद भी तो वीआईपी हैं।

6 टिप्पणियाँ:

pranav बुध अक्तू॰ 27, 08:54:00 am 2010  

सरकारी पैसे लुटाने का अधिकार भी तो सरकार का है, जनता बोलने वाली कौन होती है।

neha बुध अक्तू॰ 27, 08:55:00 am 2010  

फिल्म स्टारों के पीछे भागने वाले निरीह बेवकूफ होते हैं

tina बुध अक्तू॰ 27, 09:07:00 am 2010  

दमदारी से लिखा है आपने बधाई

ali बुध अक्तू॰ 27, 07:25:00 pm 2010  

तो क्या पब्लिक नहीं मिल पाई सलमान से ?

girish pankaj गुरु अक्तू॰ 28, 05:23:00 pm 2010  

blog ke madhyam se hi sahi, salman ko bulane k virodh mey kuchh logo ne himmat k sath likha, ve sub badhai k patra hai. फिल्म स्टारों के पीछे भागने वाले निरीह बेवकूफ होते हैं neha ne theek kahaa. yahaan to poori sarkar salman k peechhe bhaag rahi thee. ye hai hamar chhattisgarh...

abhishek गुरु अक्तू॰ 28, 05:23:00 pm 2010  

yahi payese sarkar janta k liye khrch krti to achha hota

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