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सोमवार, अक्तूबर 18, 2010

खुबसूरत बीबी हो तो विदेश में रहना खतरनाक

कल की बात है लॉन टेनिस के एक अंतरराष्ट्रीय कोच अख्तर अली से मिलने का मौका मिला। उनसे काफी बातें हुर्इं। वे कई देशों में घुमें हैं। उनकी उम्र इस समय 72 वर्ष है। उन्होंने एक बात कहीं कि अगर आपकी बीबी खुबसूरत है तो आपके लिए विदेश में रहना खतननाक हो सकता है, क्योंकि कोई भी आपकी बीबी को लेकर उड़ सकता है।
अख्तर अली ने बताया कि उनके पास विदेश में रहने के बहुत ऑफर थे, लेकिन वे वहां नहीं रहे। इसका कारण वे यह बताते हैं कि वहां पर भारत जैसा सम्मान नहीं मिलता है। एक और बात यह भी है कि वहां अगर इंसान मर जाए तो उसको कंघा देने वाले भी नहीं मिलते हैं। लेकिन इसी के साथ वे हंसते हुए यह भी कहते हैं कि विदेश में रहने का एक सबसे बड़ा खतरा यह रहता है कि आपकी बीबी, खासकर उस बीबी को कोई भी उड़ा सकता है जो खुबसबरत हो। वे कहते हैं कि वहां की संस्कृति ही ऐसी है किसका किसके साथ अफेयर हो जाए कोई नहीं जानता है। इसमें कोई दो मत नहीं है कि विदेश की संस्कृति ओपन सेक्स की होने की वजह से यह खतरा वहां पर हर किसी के साथ बना रहता है कि उसकी बीबी का किसी से अफेयर न हो जाए। लेकिन यह बात तय है कि अपनी भारतीय महिला को इतनी आसानी से हाथ लगाना किसी के लिए बस की बात नहीं है। भारतीय नारी वैसे तो पूरी तरह से पति को समर्पित रहती हैं। वह बाहर कदम तभी उठाती हैं जब वह पति से प्रताडि़त होती हैं। लेकिन यह बात भी है कि कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। अख्तर अली साहब की बात अपनी जगह ठीक भी है कि खुबसूरत बीबी के साथ कौन कम्बख्त भला विदेश में जाकर रहना पसंद करेगा। कहीं बीबी किसी गोरे को देखकर बहक गई तो क्या होगा।  यह भी बात है कि जैसा देश वैसा भेष वाली बात भी है, कब विदेशी संस्कृति का रंग किस पर चढ़ जाए कहा नहीं जा सकता है। जब विदेशी संस्कृति के रंग में पुरुष रंग सकते हैं तो फिर महिलाओं के रंगने में कोई अपराध थोड़े ही है।

10 टिप्पणियाँ:

honesty project democracy सोम अक्तू॰ 18, 09:02:00 am 2010  

सही बात है वातावरण और संगत का प्रभाव तो पड़ता ही है..वैसे विदेशी बुराइयाँ हमारे देश में बढती जा रही है क्योकि बिदेशी ही अप्रत्यक्ष रूप से हमारे देश की व्यवस्था का सञ्चालन कर रहें हैं ....शर्मनाक है की हमारे देश में किसी को बिदेशियों के आगे योग्य नहीं समझा जाता ....

ali सोम अक्तू॰ 18, 09:44:00 am 2010  

हममें से ज्यादातर लोग अकेले विदेश क्यों जाते है ? उसके बाद अपनी बीबियों को लेकर विदेशियों से भय ?

Arshad Ali सोम अक्तू॰ 18, 01:12:00 pm 2010  

khatre to aur bhi hayn...jinse hame bachna hay.bharat ki sanskriti ka koi jawab nahi...phir bhi pashchimi savayata ka anukaran ek varg ko lalayit karta hay.

aapko mai follow karta hun magar padh nahi pata..aage padhta rahunga..dheron shubhkamnaayen.

Tarkeshwar Giri सोम अक्तू॰ 18, 01:35:00 pm 2010  

Kuch ke liye achha mauka bhi.

Ham hi sahi hain.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ सोम अक्तू॰ 18, 03:18:00 pm 2010  

बीबी खूबसूरत हो तो कहीं भी रहना खतरनाक होता होगा?

राम त्यागी मंगल अक्तू॰ 19, 05:01:00 am 2010  

Aise darpok vyakti se bolo ki wo india mein apani bibi ko Bacha Ke rakhein

Bahut hi ghatiya soch hai unki

Arvind Mishra मंगल अक्तू॰ 19, 11:40:00 am 2010  

बात गहरी है केवल हंसी में ही नहीं उड़ा देनी चाहिए -कहीं यही कारन तो नहीं कि कुछ ब्लॉगर (जो एक जेंडर इनर्ट शब्द है )बार बार विदेश का रुख करते रहते हैं :)

दीपक 'मशाल' मंगल अक्तू॰ 19, 07:06:00 pm 2010  

राम त्यागी जी से सहमत... 'मैं, मेरी बीवी और वो' फिल्म देखें राजपाल यादव वाली हालत लग रही है...

राज भाटिय़ा मंगल अक्तू॰ 19, 07:55:00 pm 2010  

अख्तर अली साहब मर्द सख्त हो तो कोन साला नजर भी ऊठ के देखेगा बीबी या बेटी की तरफ़, ओर अगर मर्द ही कमजोर होगा, इधर उधर मुंह मारेगा तो, तो अपने घर को क्या शिक्षा देगा, जेसा आप कहते हे वेसा नही,फ़िर जिस ने बाहर मुंह मारना हे वो कही भी रहे...., हमे भारतिया नारी पर इसी लिये गर्व हे कि वो विशवासनिया हे, याकिन के काबिल हे, पति को समर्पित हे, ओर इसी लिये महान हे, ओर इन गोरो मे हिम्मत भी नही किसी भारतिया नारी को बहला फ़ुसला सके,

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