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बुधवार, अक्तूबर 06, 2010

एक मीडिया कर्मी युवती से तीन मीडिया कर्मियों ने किया दुष्कर्म

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन एक घिनौनी और शर्मनाक खबर की चर्चा है। चर्चा है कि रायपुर से प्रारंभ हुए एक नए नवेले अखबार के प्रबंधन में काम करने वाली एक युवती के साथ उनके तीन सहकर्मियों ने दुष्कर्म किया। मीडिया जगत में इस खबर को लोग चटखारे लेते हुए बताने से भी बाज नहीं आ रहे हैं, जितने लोग उतनी बातें हो रही हैं। खबर यह भी है कि एक प्रतिद्वंदी अखबार तो उस युवती की खोज कर रहा है, ताकि वह अपनी दुश्मनी भुनाने के लिए उसका उपयोग कर सके। इस मामले की पुलिस में रिपोर्ट होने के बाद भी मामले को दबा दिया गया है।
हम पिछले कुछ दिनों से लगातार एक खबर सुने रहे हैं। बहुत सोचा कि इस पर लिखा जाए या नहीं। फिर हमारे जमीर ने कहा कि ऐसा घिनौना और शर्मनाक काम अगर अपने मीडिया जगत में हुआ है और इस खबर को किसी ने प्रकाशित नहीं किया है तो इसे सबके सामने लाने का काम हमें करना ही चाहिए। जो खबरें सुनने को मिल रही हैं, उसके मुताबिक एक अखबार के प्रबंधन में काम करने वाली एक युवती की अपने एक सहकर्मी के साथ दोस्ती थी। बताते हैं कि वह युवती अपने उस सहकर्मी के साथ उनके कमरे तक गई थी। अब वहां वह उसके साथ जो भी कर रही थी, तभी उस सहकर्मी के दो मित्र और आ गए और तीनों ने उस युवती के साथ दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी बाद में युवती ने अपने अखबार के आकाओं के साथ पुलिस में भी दी। अखबार के आकाओं ने युवती का साथ देने की बजाए, उन आरापियों को बचाने का काम किया, और पुलिस पर दबाव डालते हुए मामला दबा दिया गया। इस अखबार से जुड़े कुछ लोग बड़ी बेशर्मी से यह भी कहते फिर रहे हैं कि अरे वह युवती को ऐस करने गई थी। अब ऐस एक के साथ हो या तीन के साथ क्या फर्क पड़ता है। वास्तव मेें कम से कम हमें तो शर्म आती है कि कैसे लोग मीडिया जगत में आ गए हैं। इस घटना के बाद से युवती और वे तीनों युवक भी गायब हो गए हैं। बताते हैं कि ये युवक दूसरे राज्य के हैं जिनको वापस भेज दिया गया है।
एक तरफ जहां युवती के साथ हुई घटना को दबा दिया गया है तो दूसरी तरफ एक अखबार इस प्रयास में है कि अगर वह युवती मिल जाए तो उसको लेकर उस अखबार से बदला लिया जाए। आज जिस तरह से अखबार वार चल रहा है, उसमें अखबार वाले किसी भी हद तक जाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। वास्तव में यह स्थिति बहुत ही शर्मनाक तो ही लेकिन भयावाह भी है। हमारा ऐसा मानना है कि उस युवती की मदद सभी मीडिया वालों को करनी चाहिए। लेकिन हम जानते हैं कि ऐसा होगा नहीं। मीडिया से जुड़े लोग बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं, पर जब अपने पर आती है तो पीठ दिखा देते हैं।

7 टिप्पणियाँ:

pranav बुध अक्तू॰ 06, 08:25:00 am 2010  

अखबार का नाम छुपाने का क्या फायदा, उस अखबार का नाम भी बता देते।

neha बुध अक्तू॰ 06, 08:26:00 am 2010  

दमदारी से लिखा है आपने, बधाई

tina बुध अक्तू॰ 06, 08:28:00 am 2010  

बहुत ही शर्मनाक घटना है, दोषियों को सजा मिलन ही चाहिए

राजकुमार ग्वालानी बुध अक्तू॰ 06, 08:32:00 am 2010  

हम एक पत्रकार हैं और जानते हैं कि बिन सबूत के किसी के नाम नहीं लिया जा सकता है। ऐसे में हमने घटना को सामने रखने का काम किया है, भले आम लोग न समझे लेकिन मीडिया वाले जानते ही हैं कि हम किस अखबार की बात कर रहे हैं। हमारा मकसद एक जानकारी पाठकों तक पहुंचाना था।

राजकुमार ग्वालानी बुध अक्तू॰ 06, 08:33:00 am 2010  

टीना जी,
दोषियों को सजा मिले इसीलिए हमने मामला उजागर किया है। आपकी बातों से हम सहमत हैं।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन बुध अक्तू॰ 06, 08:54:00 am 2010  

वास्तव में यह स्थिति बहुत ही शर्मनाक तो ही लेकिन भयावाह भी है।

सचमुच बहुत ही शर्म की बात है।

ali बुध अक्तू॰ 06, 11:31:00 pm 2010  

बेहद अफसोसनाक !

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