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Friday, March 19, 2010

सेक्स का भूखा कलयुगी गुरू-जिसकी पिटाई हो गई शुरू

कलयुग के गुरुओं का क्या हाल है इसका एक नमूना भिलाई में तब देखने को मिला जब वहां के एक स्कूल के प्राचार्य ने छात्राओं को पास कराने का प्रलोभन देकर उनके साथ अश्लील हरकतें करते हुए अपनी वासना की भूख मिटाने का असफल प्रयास किया। इस प्रयास में यह कलयुगी गुरू धरा गया और उसकी ऐसी पिटाई शुरू हुई कि उसका हाल बेहाल हो गया, बाद में उसे हवालात की हवा भी खानी पड़ी

इन दिनों परीक्षा का दौरा चल रहा है, ऐसे में भिलाई के एक स्कूल के 50 वर्षीय प्राचार्य ने कई छात्राओं को अपना निशाना बनाते हुए उनको पास कराने का प्रलोभन देकर जहां उनके साथ फोन पर अश्लील बातें करने का सिलसिला प्रारंभ किया, वहीं तीन छात्राओं को अपने घर बुलाकर एक छात्रा के साथ जोर-जबरदस्ती करने का प्रयास किया। किसी तरह से वह छात्रा अपनी सहेलियों के साथ प्राचार्य के घर से भागी और सारी बातें अपने परिजनों को बताई। इधर कुछ छात्राओं ने प्राचार्य की बातें अपने मोबाइल पर रिकार्ड करके अपने परिजनों को सुनाईं। ऐसे में परिजन भड़क गए और प्राचार्य से बात करने स्कूल गए, प्राचार्य ने जब परिजनों के सामने अपने को निर्दाेष बताते हुए छात्राओं को ही गलत साबित करने का प्रयास किया तो परिजनों से पहले तो इस कलयुगी गुरू की पिटाई कर दी फिर बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उस प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

यह अपने देश में ऐसा पहला प्रकरण नहीं है। अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि शिक्षा के मंदिर में शिक्षा देने वाले गुरू अपनी शिष्याओं के साथ कैसी-कैसी हरकतें करते हैं। कुछ समय पहले बस्तर के एक स्कूल के प्राचार्य के पास से छात्राओं की बनाई गई अश्लील सीडी भी बरामद हुई  थी। वास्तव में यह गंभीर चिंतन का विषय है कि आखिर आज हमारी शिक्षा समाज को किस दिशा में ले जा रही है। शिक्षा का जिस तरह से बोझ बढ़ा दिया गया है उसके कारण ही आज के कलयुगी गुरू फायदा उठाने का काम करते हैं।

एक तरफ यह प्रकरण हुआ है तो दूसरी तरफ कम से कम एक खबर यह राहत देने वाली है कि अब केन्द्र सरकार ने 8वीं तक परीक्षा न लेने और किसी को फेल न करने का फैसला किया है। इस फैसले का नतीजा क्या होगा यह भी सोचने का विषय है। एक बात जहां यह तय है कि शिक्षकों का हौवा समाप्त हो जाएगा, वहीं छात्र इस फैसले से पंगू और अहमी हो सकते हैं। जब उनको फेल होने का डर नहीं रहेगा तो वे पढ़ाई में ध्यान क्यों कर लगाएंगे। बहरहाल भिलाई की घटना ने एक बार फिर से शिक्षा के मंदिर को कंलकीत करने का काम किया है।

15 टिप्पणियाँ:

शरद कोकास Fri Mar 19, 08:10:00 AM 2010  

यह बहुत शर्म की बात है .शिक्षक ही क्या किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसा किया जाना निन्दनीय है ।

Udan Tashtari Fri Mar 19, 08:11:00 AM 2010  

शर्मनाक कृत्य -एक शिक्षक द्वारा किया ऐसा कृत्य बेवजह पूरे वर्ग को कलंकित करता है.

Suman Fri Mar 19, 08:42:00 AM 2010  

शर्मनाक.nice

ललित शर्मा Fri Mar 19, 08:56:00 AM 2010  

शर्मनाक एवं अफ़सोस जनक कुकृत्य है।
घोर निंदा करते हैं।

बी एस पाबला Fri Mar 19, 10:23:00 AM 2010  

शर्मनाक
किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसा किया जाना निन्दनीय

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi Fri Mar 19, 01:40:00 PM 2010  

फोटो अच्‍छा है... अपने आप में पूरी बात बोलता है...


देह के लोलुप प्राचार्यों को इसे एक बार देख लेना चाहिए..


निंदनीय...

Suresh Chiplunkar Fri Mar 19, 02:13:00 PM 2010  

निंदनीय और जूतेमारू घटना :)
वैसे आठवीं तक परीक्षा न लेने का निर्णय बकवास है… इससे सिर्फ़ और सिर्फ़ गधे ही पैदा होंगे… जो दसवीं तक आते-आते पढ़ाई छोड़ देंगे… सीधे-सीधे ऐसे ही आठवीं का प्रमाण-पत्र दे दो ना यार, स्कूल भी क्यों लगाना?

महेन्द्र मिश्र Fri Mar 19, 06:51:00 PM 2010  

शर्मनाक ... आपके ब्लॉग में आ गए हैं इसीलिए ई . सेक्स गुरु के नाम से ये वन्दे जाने जायेंगे .... इनकी तो अच्छी खासी जोरदार पूजा अर्चना की जानी चाहिए जी ...

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" Fri Mar 19, 07:42:00 PM 2010  

आजकल के गुरू, गुरू न रहकर के बहुत "लघु" हो चुके हैं! अपने कर्म को कलंकित करते....

dhiru singh {धीरू सिंह} Fri Mar 19, 08:19:00 PM 2010  

दो जूते मेरी तरफ़ से भी

ab inconvenienti Fri Mar 19, 11:09:00 PM 2010  

सरकार को अब प्रमाणपत्र यूँ ही बाँटने का निर्णय लेना चाहिए. स्कूल कॉलेज लगाने का, शिक्षक रखने का, पुस्तकों-स्टेशनरी का खर्च भी बचेगा. बच्चे खुश होंगे और दुआएं देंगे सो अलग!

दीपक 'मशाल' Fri Mar 19, 11:47:00 PM 2010  

aise logon ko pagal kutton ke beech me chhodna hi theek hai

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