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बुधवार, मार्च 31, 2010

हम भी हो गए 420

420 कहलाना किसी को पसंद नहीं है। लेकिन इसका क्या किया जाए कि हर इंसान के जीवन में यह आकंड़ा कभी न कभी दस्तक दे ही देता है। कम से कम उस इंसान के जीवन में तो जरूर 420 का दखल होता है जो इंसान लेखन से जुड़ा है। हर लेखक को अपने जीवन में कभी न कभी उस समय 420 बनना ही पड़ता है जब उसके लिखे की संख्या इतनी हो जाती है। यानी अब आप समझ ही गए होंगे कि हम बात कर रहे हैं अपनी पोस्ट की। हमारे राजतंत्र में आज 420 वीं पोस्ट पूरी हुई है, यानी हम भी अब 420 हो गए हैं।

कल जब हमने अपने राजतंत्र की पोस्ट संख्या देखी तो मालूम हुआ कि हमने कल की तारीख में इसमें 419 पोस्ट लिखी है, ऐसे में सोचा कि चलो यार अब अपने ब्लागर मित्रों को बता दें कि हम भी 420 बनने का सौभाग्य मिल गया है। वैसे 420 बनना किसी सौभाग्य की बात नहीं है। 420 की संबंध अपराध से होता है, लेकिन यह आंकड़ा हम लेखकों के जीवन में जरूर आता है। अब यह बात अलग है कि कोई इस पर ध्यान नहीं देता है, हमने भी पहले इस पर ध्यान नहीं दिया था, वरना हमारे एक और ब्लाग खेलगढ़ ने तो यह आंकड़ा कब का पार कर लिया है। कहते हैं कि कभी-कभी ऐसा हास्य-परिहास्य होना ही चाहिए, सो हमने सोचा कि चलो यार हम भी थोड़ी सी मस्ती कर लें और अपने ब्लागर मित्रों का ेबताए कि हम भी 420 बन गए हैं। वैसे 420 या फिर 10 नंबरी बनना कोई पसंद नहीं करता है, खासकर सभ्य कहलाने वाले लोग तो कदापि यह पसंद नहीं करते हैं, अब यह बात अलग है कि आज के जमाने में ज्यादातर लोग छुपे रूप से 420 के साथ 10 नंबरी का भी काम करते हैं। अपने देश में जिस तरह से भ्रष्टाचार होता है, उसको देखते हुए यह कहना आसान नहीं है कि आज के जमाने में कौन ईमानदार है। अगर ईमानदारों की कमी है तो इसका मतलब साफ है कि लोग 420 और 10 नंबरी हैं। खैर हमने यह पोस्ट महज मस्ती में लिखी है, लेकिन एक बात जरूर सच्ची और कड़वी है कि अपने देश में जितने 420 और 10 नंबरी खुले रूप में नहीं है उससे कहीं ज्जाया सफेदपोश 420 और 10 नंबरी हैं।

7 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari बुध मार्च 31, 06:57:00 am 2010  

चार सौ बीसी पर भी अनेक बधाई एवं शुभकामनायें.

Udan Tashtari बुध मार्च 31, 06:57:00 am 2010  

ऐसे ही कदम आगे बढ़ते रहें.

ललित शर्मा बुध मार्च 31, 09:43:00 am 2010  

श्री 420 तो बहुत हिट रही थी
अब आप भी हिट हो गए
420 का तमगा लेकर,
अलंकरण समारोह में हमारे को भुल न जाना मित्र
बस फ़िर हम होगें और वो होगा,
लेकिन सोडा नही मिलेगा :)
अवधिया जी को फ़ोन करना ना भुलना
हा हा हा जोरदार पोस्ट बधाई

खुशदीप सहगल बुध मार्च 31, 10:02:00 pm 2010  

श्रीमान् 420 को इस उपलब्धि के लिए बधाई...

जय हिंद...

महेन्द्र मिश्र गुरु अप्रैल 01, 01:20:00 pm 2010  

बड़ी ख़ुशी की बात है की आपने ४२० की बाधा दौड़ जीत ली है बधाई

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