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शुक्रवार, मार्च 05, 2010

क्या प्यार जताने चिपक कर बैठना जरूरी है?

शायद ही कोई दिन ऐसा जाता होगा जब रास्ते में आते-जाते हमने पति-पत्नी के साथ ही प्रेमी युगल को मोटर बाइक पर चिपक कर बैठे हुए न देखा हो। इनको देखकर अक्सर मन में एक सवाल उठाता है कि क्या प्यार जताने के लिए क्या चिपक कर बैठना जरूरी है?

मालूम नहीं आज का अपना समाज कहां जा रहा है। एक वह समय था जब प्यार जताने के लिए दिखावे की जरुरत नहीं पड़ती थी, लेकिन आज दिखावे के बिना प्यार को प्यार नहीं माना जाता है, ऐसा कम से कम हमें लगता है। सोचने वाली बात है कि आखिर पति और पत्नी रास्ते में मोटर बाइक पर जाते हुए बिलकुल चिपक कर बैठकर क्या जताना चाहते हैं। एक बार प्रेमी युगल जोड़ों की बात समझ में आती है कि इन बेचारों के पास कोई रास्ता नहीं होता है ऐसे में इनको जो वक्त मिलता है उसमें वे अपने मन की कर लेते हैं, लेकिन जहां तक पति-पत्नी का सवाल है तो इनके पास रहने को घर है, प्यार करने के लिए पूरा समय है, फिर क्यों कर ये रास्ते में ऐसा करते हैं, यह बात समझ से परे हैं।

इस बारे में हमारे ब्लागर मित्र क्या सोचते हैं, जरूर बताएं।

6 टिप्पणियाँ:

yellow शुक्र मार्च 05, 03:08:00 pm 2010  

पति-पत्नी के चिपककर बैठने को शायद नज़दीकी के अहसास के तौर पर भी देखा जा सकता है। उसमें दूसरी कोई भावना नहीं हो सकती है क्योंकि आपने खुद कहा है कि वो घऱ में तो साथ रहते ही हैं।
और एक कारण ये भी हो सकता है बाइक पर जगह ही कितनी होती है, कितना भी दूर बैठे सड़क की वजह से झटके लगते ही फिर पास आ जाते होंगे।

शरद कोकास शुक्र मार्च 05, 03:52:00 pm 2010  

हाहाहा..इस सवाल के उत्तर में एक बार एक युवा ने मुझसे कहा " भाईसाहब इस बाइक की सीट की बनावट को देखिये ,यह पीछे की ओर इतनी ऊँची है कि बैठनेवाला ( या वाली) अपने आप सामने वाले से चिपक जाता है ।"

सुलभ § सतरंगी शुक्र मार्च 05, 04:36:00 pm 2010  

जहाँ जगह की कमी होगी, ऐसा दिखना लाजिम बात है. कभी कभार घरों में भी अन्य सदस्यों की मौजूदगी में साथ साथ घूमना, बैठना मुश्किल होता है सो बाहर में थोड़ी आजादी है.

जब आपको प्रेमी युगलों से ऐतराज नहीं है तो विवाहित युगलों से भी शिकायत नहीं होना चाहिए. हाँ, सार्वजनिक स्थानों पर फूहड़पन जरुर शिकायत के दायरे में आएगा.

बुरा न माने, इस पोस्ट में कोई ख़ास वजन नहीं है.

महेन्द्र मिश्र शुक्र मार्च 05, 07:45:00 pm 2010  

नहीं जनाब प्यार तो खड़े खड़े भी किया जा सकता है .. हा हा

विवेक सिंह शुक्र मार्च 05, 09:05:00 pm 2010  

आप कहें तो हम कल ही एक अध्यादेश जारी कर दें कि कोई औरत मर्द से चिपककर नहीं बैठेगी । पर करेंगे नहीं क्योंकि हमारे देश में औरतों की पहले ही से बहुत किल्लत है, बचीकुची बाइक से गिर गिरकर मर जाएंगी ।

Neeraj Rohilla शुक्र मार्च 05, 11:35:00 pm 2010  

लो भैया,
कल लो बात, आपको कैसे पता कि वो पति पत्नी हैं और प्रेमी युगल नहीं हैं?
क्या पति पत्नी के जीवन से रोमांस शादी के बाद ख़त्म हो जाता है? भैया खुश रहो, चिल रहो...
सब समझदार हैं, जो जैसा चाहे करने दो, यकीन मानो संस्कृति ताले में सुरक्षित है, चिपक के बैठने से देश रसातल में नहीं चला जाएगा. ;-)

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