राजनीति के साथ हर विषय पर लेख पढने को मिलेंगे....

शनिवार, सितंबर 11, 2010

अलग अंदाज में होगा छत्तीसगढ़ ओलंपिक

छत्तीसगढ़ के दस साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेश की राजधानी में होने वाला छत्तीसगढ़ ओलंपिक महाकुंभ एक खास अंदाज में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के बाद इस आयोजन की तैयारी में खेल विभाग जुट गया है। खेल विभाग ने अब तक इस बात का तो खुलासा नहीं किया है कि इस आयोजन में कितने खेलों को शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि ङाारखंडराष्ट्रीय खेलों में जितने खेलों में खेलने की पात्रता छत्तीसगढ़ को मिली है, उन खेलों के साथ राज्य में प्रचलित कुछ खेलों को शामिल किया जाएगा।
प्रदेश ओलंपिक संघ की कमान संभालते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यह घोषणा की थी कि राज्य के दस साल पूरे होने पर राज्य में पहली बार छत्तीसगढ़ ओलंपिक के नाम से खेलों का एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य स्तर पर कई खेलों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल और क्रिकेट का भी एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इस घोषणा के बाद से खेल विभाग इस दिशा में काम कर रहा है कि आखिर छत्तीसगढ़ ओलंपिक का आयोजन किस तरह से किया जाए कि इसको ेयादगार बनाया जा सके।
संस्थानों की टीमों को भी मिलेगा मौका
खेल विभाग से जुड़े अधिकृत सूत्रों का कहना है आयोजन को एक अलग अंदाज में पेश करने के लिए ऐसा किया जा रहा है कि जिन संस्थानों जैसे पुलिस, सिविल सर्विसेज, जीवन बीमा निगम, बीएसएनएल, डाक विभाग, रेलवे, जिंदल, भिलाई स्टील प्लाट, एनटीपीसी के साथ राज्य के जिलों में जो लोकप्रिय क्लब हैं, उनकी टीमों को हर खेल में प्रवेश दिया जाएगा। हर खेल में राज्य की विजेता और उपविजेता टीम को प्रवेश देने की योजना है। सारी योजना ओलंपिक संघ से जुड़े पदाधिकारियों के साथ खेल संघों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ मिलकर बनाई जाएगी।
लोक खेल भी होंगे शामिल
आयोजन में किन खेलों को शामिल किया जाए इसको लेकर चर्चा चल रही है। ऐसे में खेलों के जानकारों की मानें तो उनका कहना है कि ज्यादा खेलों को शामिल करने की बजाए ङाारखंड के राष्ट्रीय खेलों में खेलने की पात्रता प्राप्त कर चुके खेलों के साथ राज्य में प्रचलित खेलों फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी, कुश्ती जैसे खेलों के साथ कुछ लोक खेलों को भी शामिल करना चाहिए। इन खेलों में एक अहम खेल के रूप में राज्य में तेजी से ऊभर रहे जंप रोप को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात खेलों के जानकार कहते हैं। इनका कहना है कि जंप रोप एक ऐसा खेल है जिसे हर खेेल की नींव कहा जा सकता है। हर खेल का खिलाड़ी फिटनेस के लिए इस खेल से नाता जोड़ता है। ऐसे में जबकि इस खेल के राज्य के तीन खिलाड़ी विश्व कप में भी खेले हैं तो इस खेल को भी शामिल करना चाहिए।
राष्ट्रीय मैराथन भी हो
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भले राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल और क्रिकेट के एक आयोजन की बात की है, पर इसी के साथ पूणे मैराथन की तर्ज पर मैराथन का एक राष्ट्रीय या फिर अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री मैराथन के नाम से या छत्तीसगढ़ मैराथन के नाम से इस स्पर्धा का आयोजन किया जाए तो छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में हो सकता है। वैसे राज्य में होने वाली एक लाख की इनामी मैराथन का अपना अलग स्थान है, लेकिन यह मैराथन ३० किलो मीटर होने की वजह से इनमें शामिल राज्य के खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय स्तर पर मौका नहीं मिल पाता है। छत्तीसगढ़ ओलंपिक में अगर मैराथन को शामिल किया जाए तो आयोजन की शान और बढ़ जाएगी ऐसा खेलों का जानकार कहते हैं।

3 टिप्पणियाँ:

अशोक बजाज शनि सित॰ 11, 01:00:00 pm 2010  

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ:।

निर्विध्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

ali शनि सित॰ 11, 11:16:00 pm 2010  

अच्छी पोस्ट ! बढ़िया आयोजन के लिए शुभकामनाएं !

Related Posts with Thumbnails

ब्लाग चर्चा

Blog Archive

मेरी ब्लॉग सूची

  © Blogger templates The Professional Template by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP