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शुक्रवार, सितंबर 24, 2010

खेल के लिए कुछ भी करेगा

बच्चों को टेनिस की अच्छी सुविधाएं दिलाने टांक परिवार अहमदाबाद में बस गया

अखिल भारतीय लॉन टेनिस में खेल रहीं सबसे कम उम्र की खिलाड़ी निशिका टांक सबके आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। निशिका के साथ उनकी बहन ११ साल की संजना टांक भी खेल रही हैं। अपनी दोनों बेटियों को खेल की ज्यादा सुविधाएं दिलाने के लिए इनके पिता घनश्याम टांक रायपुर छोड़कर अहमदाबाद में बस गए हैं। वहां अपने बच्चों को अच्छा प्रशिक्षण दिलाने के बाद उनका इरादा चेन्नई जाने का है।
यूनियन क्लब में आज से प्रारंभ हुई अखिल भारतीय लॉन टेनिस में सबकी नजरें गुजरात की सात साल की खिलाड़ी निशिका टांक पर ही ठहर रही थीं। जब इस खिलाड़ी से बात की गई तो मालूम हुआ कि यह खिलाड़ी तो रायपुर की हैं और अपने परिवार के साथ गुजरात जाने के बाद इस खिलाड़ी ने खेलना प्रारंभ किया है। इस खिलाड़ी के पिता घनश्याम टांक बताते हैं कि वे तो रायपुर के निवासी हैं और पांच माह पहले ही अपने बेटियों को टेनिस में अच्छा प्रशिक्षण दिलाने के मकसद से अहमदाबाद गए हैं और वहीं बस गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनकी बड़ी बेटी ११ साल की संजना टांक ही टेनिस खेलती थीं, लेकिन अहमदाबाद जाने के बाद उनकी छोटी बेटी निशिता भी खेलने लगीं हैं। महज पांच माह के प्रशिक्षण में ही उसने अपने अहमदाबाद क्लब की स्पर्धा में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया। यह निशिका की पहली अखिल भारतीय स्पर्धा है। उनकी बड़ी बहन संजना दो बार पहले अखिल भारतीय स्पर्धा में खेल चुकी हैं।
श्री टांक ने पूछने पर कहा कि उनका इरादा अपनी बेटियों का भविष्य टेनिस में ही बनाने का है। वे कहते हैं कि भले उनकी बेटियां पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान न दें, लेकिन खेल में ही उनका जीवन बनाना है। वे पूछने पर कहते हैं कि उन्होंने रायपुर इसलिए छोड़ा क्योंकि यहां पर टेनिस की उनती सुविधाएं नहीं हैं। वे बताते हैं कि अहमदाबाद में सौ सिंथेटिक कोर्ट हैं जबकि रायपुर में महज छह कोर्ट हैं। इसी के साथ वहां खिलाडिय़ों की भरमार है जिससे उनकी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा प्रतिस्पर्धा मिल रही है। वे कहते हैं कि खिलाड़ी को जितने ज्यादा खिलाडिय़ों से खेलने का मौाका मिलता है उसका खेल उतना ही निखरता है।

4 टिप्पणियाँ:

ali शुक्र सित॰ 24, 08:54:00 am 2010  

बच्चों के लिए अभिभावकोण का ज़ज्बा अच्छा लगा !

संगीता स्वरुप ( गीत ) शनि सित॰ 25, 12:33:00 pm 2010  

अच्छी जानकारी ...आज खेलों में माता पिता भी रूचि ले रहे हैं ..

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari रवि सित॰ 26, 12:30:00 pm 2010  

बच्‍चों के लिए पिता का यह चिंतन पढ़कर अच्‍छा लगा.

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