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मंगलवार, सितंबर 29, 2009

ब्लागवाणी वापस आई-खुशियां मनाओ भाई

ब्लागवाणी ने ब्लाग बिरादरी की भावनाओं की कदर करते हुए वापस आने का जो फैसला किया है, उसके लिए हमारे पास आभार के शब्द ही नहीं हंै। हमें लगता है कि इस फैसले से ब्लाग बिरादरी का असली दशहरा तो आज मनेगा। आज ही ब्लाग बिरादरी के लिए विजयदशमी है तो फिर देर किस बात की है मित्रों।

जलाएं खुशियों के दीए और बांटे मिठाई

और दें उन सबको बधाई

जिनके कारण ब्लागवाणी लौटकर आई

खुश हो जाओ सभी भाई

और मजे से चटके लगाओ भाई

चटके लगाओ जरूर भाई

पर फिर से न झटके लगाना भाई

मुश्किल से ब्लागवाणी लौट कर आई

अब न देना किसी गलती की दुहाई

अब अगर हो गई जुदाई

तो फिर रोते रहोगे भाई

14 टिप्पणियाँ:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi मंगल सित॰ 29, 09:19:00 am 2009  

ब्लागवाणी को बंद करने का निर्णय गलत था। आपत्तियों का अब जवाब दिया गया वह पहले भी दिया जा सकता था। ब्लागवाणी के प्रेमी समुदाय को इस निर्णय ने बहुत गहराई तक आहत किया है। इस पर रहीम साहब का दोहा स्मरण हो रहा है।

रहिमन धागा प्रेम का,मत तोड़ो चटकाय।
टूटे से फिर ना जुरै, जुरै गांठ परि जाय।।

कहीं ऐसा हुआ तो!

anu मंगल सित॰ 29, 09:25:00 am 2009  

एक दिन में ही बवाल मच गया था, ब्लागवाणी के बंद होने से। चलो अच्छा है कि एक दिन में ही ब्लागवाणी को उनकी अहमियत समझाने में सफलता मिल गई

Arvind Mishra मंगल सित॰ 29, 09:37:00 am 2009  

जी बिलकुल -आईये मिल कर खुशी मनाएँ

guru मंगल सित॰ 29, 09:54:00 am 2009  

सबकी मेहनत ने रंग दिखाया है गुरु

जी.के. अवधिया मंगल सित॰ 29, 10:19:00 am 2009  

गम छोड़ के मनाओ रंगरेली ...

देर आयद दुरुस्त आयद।

धन्यवाद ब्लॉगवाणी!!!

ajay मंगल सित॰ 29, 10:21:00 am 2009  

ब्लागवाणी को वापस आने का फैसला करने पर बधाई

अविनाश वाचस्पति मंगल सित॰ 29, 10:29:00 am 2009  

कल दशहरा गया
रावण संग ले गया
आ गई आज दीवाली है
ब्‍लॉगवाणी वाली है
पोस्‍ट लगाओ और
टिप्‍पणियां बांटो।

मीनू खरे मंगल सित॰ 29, 11:18:00 am 2009  

घर घर कलश सजाओ री,
मंगल गाओ री,
दीप जलाओ री ,
चौक पुराओ री ,

कोयल कूके मधुर वाणी

झूमे गाएँ सकल नर नारी
मनाओ दीवाली कि घर आई ब्लॉगवाणी...

अभिनन्दन ब्लॉगवाणी

Udan Tashtari मंगल सित॰ 29, 06:33:00 pm 2009  

ब्लॉगवाणी की वापसी अति सुखद है.

मैथिलीजी और सिरिलजी का हार्दिक आभार.

बी एस पाबला मंगल सित॰ 29, 06:34:00 pm 2009  

स्वागतयोग्य कदम
सोना आग में तप कर और खरा होगा

बी एस पाबला

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