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सोमवार, नवम्बर 02, 2009

साहब टोनही मेरी बेटी को खा गई

छत्तीसगढ़ में टोनही के किस्से इतने हैं जिसकी कोई सीमा नहीं है। यहां का ऐसा कोई गांव नहीं होगा जहां पर टोनही को लेकर चर्चाएं नहीं होती हैं। अक्सर ऐसी बातें सामने आती रहती हैं कि इस गांव में टोनही ने इसकी जान ले ली, तो उस गांव में एक महिला को टोनही के संदेह में सरे आम नंगा करके पीटा गया। हमें याद है कि एक बार जब हम लोग कोरबा जा रहे थे तो कार के एक ड्राइवर ने हमें अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा था कि साहब मेरी बेटी को तो टोनही खा गई।

इन दिनों टोनही हो लेकर हमारे मित्र ललित शर्मा काफी कुछ लिख रहे हैं। ऐसे में उन्होंने जब हमसे बात की तो सोचा कि चलो हम भी एक ऐसा किस्सा बयान कर दें जिसे हम तब बयान नहीं कर पाए थे जब हमने टोनही के बारे में पिछली पोस्टों में लिखा था। उस समय इस मामले को भी लिखने का मन था, पर हमने सोचा कि लगातार एक ही विषय पर लिखना ठीक नहीं है। बहरहाल अब हम उस किस्से को लिख रहे हैं। एक बार जब कोरबा में भारत और पाकिस्तान के बीच पुराने क्रिकेटरों को लेकर एक मैच हुआ था, तब अचानक रात को प्रेस के संपादक का फरमान आया था कि ग्वालानी जी आपको कोरबा जाना है। आपके जाने की व्यवस्था जनसपंर्क विभाग ने की है। हम रात को अपने कुछ मित्रों के साथ जनसंपर्क के दफ्तर पहुंचे तो एक इंडिका कार एक ड्राइवर के साथ हमारे हवाले कर दी गई। हम लोग जब रायपुर से चले तो सोचा कि यार कार में सोना ठीक नहीं है, अगर हम लोग सोने लगे और ड्राइवर को ङापकी आ गई तो सब सदा के लिए सो जाएंगे। ऐसे में इधर-उधर की बातें करते-करते अचानक टोनही पर बातें होने लगीं। हम लोग जब टोनही पर बातें करने लगे तो ड्राइवर साहब गंभीर हो गए। हमने जब उनसे कारण पूछा तो उनकी आंखों से आंसू ङालक पड़े। हमें अपराधबोध हुआ कि यार हम लोगों से ऐसी क्या बात हो गई जो ये महोदय रोने लगे हैं। हमने जब उनके पूछा तो वे कहने लगे कि क्या बताएं साहब एक टोनही ने तो मेरी बेटी को ही खा लिया।

उन्होंने पूछने पर बताया कि वे जिस मकान में किराए से रहते हैं वहां पर एक महिला है जिसे वे टोनही बता रहे थे। बकौल ड्राइवर उस महिला ने ही उनकी १६ साल की खुबसूरत जवान बेटी पर ऐसा जादू किया था जिससे उसकी मौत हो गई। हमने पूछा कि आपको कैसे मालूम कि वह महिला टोनही है और उसी ने आपकी बेटी को मारा है। उन्होंने बताया कि उसी महिला से अक्सर हमारे परिवार का ङागड़ा होता था, वह महिला मेरी बेटी को गलत रास्ते पर डालना चाहती थी जिसका हम लोगों ने विरोध किया तो उसने मेरी बेटी पर न जाने क्या जादू-टोना किया कि उसकी बीमारी के बाद मौत हो गई।

ये एक किस्सा है। ऐसे न जाने कितने किस्से छत्तीसगढ़ में हैं जिसको टोनही से जोड़ा जाता है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह कौन बता सकता है कि उस ड्राइवर की बेटी की मौत कैसे हुई। उसको जो बीमारी लगी उसके बारे में ड्राइवर का कहना था कि लाख इलाज के बाद भी डाक्टर न तो यह बता पा रहे थे कि उसे क्या बीमारी है और न ही कोई दवा उस पर असर कर रही थी। ऐसा कई मामलों में होता है कि किसी बीमारी का डॉक्टर पता नहीं लगा पाते हैं और दवाएं भी काम नहीं करती हैं, तब ऐसे में लोग तांत्रिकों की शरण में जाते हैं। और ये तांत्रिक ही इस तरह की बातें करते हैं कि यह काम टोनही या फिर किसी तंत्र-मंत्र करने वाले का है। तंत्र-मंत्र के बारे में तो कहा जाता है कि इसका अस्तित्व है, लेकिन टोनही का कोई अस्तित्व है या नहीं इसका प्रमाण किसी के पास नहीं है। वैसे हमने जितने किस्से टोनही के सुने हैं, उसके हिसाब से तो हमारा भी कई बार जिसे टोनही कहा जाता है, उससे दूर से सामना हो चुका है। ये किस्सा हम पहले ही लिख चुके हैं।

8 टिप्पणियाँ:

chintu सोम. नवम्बर 02, 08:19:00 am 2009  

जादू-टोने से किसी की हत्या होने की खबरें कई बारे अखबारों में छपती है, संभव है उस ड्राईवर की बेटी की ऐसी ही हत्या हुई हो

m. ali,  सोम. नवम्बर 02, 08:41:00 am 2009  

तंत्र-मंत्र से इंकार नहीं किया जा सकता है, हर देश में ऐसा करने वाले हैं।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari सोम. नवम्बर 02, 08:42:00 am 2009  

सामाजिक जागरण के लिए इस मसले पर ऐसी जानकारी एवं इस पर विमर्श पत्र-पत्रिकाओं में भी छपनी चाहिए.

sanjana pal सोम. नवम्बर 02, 08:51:00 am 2009  

तांत्रिकों का काम ही है अंधविश्वास फैलाना

anu सोम. नवम्बर 02, 09:00:00 am 2009  

टोनही जैसी किसी चीज का वजूद इस दुनिया में नहीं है

परमजीत बाली सोम. नवम्बर 02, 12:48:00 pm 2009  

इस बात से ना तो इंकार किया जा सकता है......ना ही विश्वास होता है.......इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं......यदि धुआ उठता है तो कही आग भी जरूर होगी......

प्रवीण शाह सोम. नवम्बर 02, 01:09:00 pm 2009  

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बिना शरीर के अन्दर कोई विष को प्रवेश कराये मंत्रादि से कोई टोनेबाज किसी को मार नहीं सकता है।
ये लोग कुछ धीमे जहर अपने शिकार को धोखे से खिला/खिलवा देते हैं...Thallium sulphate एक ऐसा ही जहर है, इसकी पहचान व निदान भी नहीं हो पाता है...अति विशिष्ट सुविधाओं के बिना...ज्यादातर जादू टोने में इसी का प्रयोग होता है।

अजय कुमार झा सोम. नवम्बर 02, 03:30:00 pm 2009  

ये इस देश की सबसे बडी विडंबना है कि ..एक तरफ़ हम चांद पर पहुंचने की जुगत भिडा रहे है ..और दूसरी तरफ़ ये टोनही प्रथा चल रही है .....अफ़सोस कि सरकार सोई पडी है॥

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