राजनीति के साथ हर विषय पर लेख पढने को मिलेंगे....

गुरुवार, दिसंबर 24, 2009

रास्ते में मौत का सामान

सड़क के बीच में किस तरह से लोग मौत का सामान लेकर चलते हैं इसका नमूना कई बार देखने को मिलता है। हम राजधानी रायपुर ने जब नई राजधानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मैच की रिपोर्टिंग करने जा रहे थे, तो रास्ते में ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला, जिसे हमने अपने कैमरे में बस में बैठे-बैठे ही कैद कर लिया। इस लंबे चौड़े मौत के सामान वाले ट्रक के कारण काफी समय रास्ता जाम रहा।

3 टिप्पणियाँ:

ललित शर्मा गुरु दिस॰ 24, 09:15:00 am 2009  

यमदुतों को भी अपना कोटा पुरा करने के लिए सड़क पर आना ही पड़ता है। इसीलिए तो इन ट्रकों को (पर)लोकवाहक कहा गया। अब जो इनसे खुद बच जाए तो बच जाए, ये तो बचाने वाले नही हैं।

डॉ महेश सिन्हा गुरु दिस॰ 24, 09:19:00 am 2009  

दूसरों की सुविधा का ख़याल तो स्वप्न जैसा है

ताऊ रामपुरिया गुरु दिस॰ 24, 02:28:00 pm 2009  

आये दिन ये नजारे देखने को मिलते हैं सडकों पर. इनको नियंत्रण करने वाले खुद इनके नियंत्रण मे हैं तो कौन रोकेगा?

रामराम.

Related Posts with Thumbnails

ब्लाग चर्चा

Blog Archive

मेरी ब्लॉग सूची

  © Blogger templates The Professional Template by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP