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रविवार, अगस्त 09, 2009

कॉलेज में आईटम गर्ल के डांस का एक पीरियड !

आज के आधुनिक जमाने में शिक्षा इतनी बाजारू हो गई है कि शिक्षा के पवित्र मंदिर को नापाक करने का काम किया जाने लगा है। पवित्र शिक्षा के साथ भी निजी शिक्षण संस्थान इस कदर खिलवाड़ करने लगे हैं कि शर्म आती है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज ने अपने कॉलेज की सीटें भरने के लिए छात्रों के सामने आईटम गर्ल को परोसने का काम किया है। एक होटल में जोरदार पार्टी देकर छात्रों को रिझाने का प्रयास किया गया कि आए और आईटम गर्ल का डांस देखें और हमारे कॉलेज में एडमिशन ले। अगर आप इस कॉलेज में आ जाते हैं तो इसी तरह से आपका मनोरंजन होता रहेगा। इस एक घटना ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ये निजी संस्थान शिक्षा को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। आज निजी संस्थानों के कारण ही शिक्षा एक गलत राह की तरफ चल पड़ी है कहां जाए तो गलत नहीं होगा। आने वाले समय में ऐसा भी हो सकता है कि कोई कॉलेज यह ऐलान कर दे कि उनके कॉलेज में रोज आईटम गर्ल के डांस का एक पीरियड भी होगा।


हैं तो यह चौकाने वाली खबर पर यह हकीकत है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज ने अपने कॉलेज की सीटों को भरने के लिए नैतिकता को किनारे लगाते हुए छात्रों के लिए एक आलीशान होटल में मुंबई की आईटम गल्र्स को बुलाकर उनका डांस करवाया। अब यह डांस किस हद तक था इसका तो खुलासा नहीं हो सका है, पर जानकारों की मानें तो यह डांस सभ्यता के दायरे में कताई नहीं था। वैसे भी यह सभ्यता के दायरे में नहीं आता है कि कोई शिक्षण संस्थान अपने संस्थान के फायदे के लिए ऐसा काम करे और वह भी शिक्षा जैसे पवित्र काम के लिए। आज यह सोचने वाली बात है कि ऐसा जो काम रायपुर के एक कॉलेज ने किया है, वैसा तो किसी विदेशी कॉलेज ने भी कभी नहीं किया होगा।

आखिर कहां जा रही है हमारी शिक्षा की दिशा? क्या निजी शिक्षण संस्थाएं नैतिकता से परे काम नहीं कर रही हैं? एक समय अपने देश में शिक्षा को पूजा जाता था, किसी को शिक्षा देना सबसे बड़ा धर्म माना जाता था। गुरु की इज्जत करना भारत की परंपरा रही है। लेकिन अब न तो ऐसे गुरु रह गए हैं और न ही ऐसे शिष्य। वरना अपने देश का इतिहास गवाह है कि यहां पर गुरु को गुरु दक्षिणा में अंगूठा काटकर देने वाले शिष्य रहे हैं। लेकिन आज के समय में ऐसे उदाहरण मिलने संभव ही नहीं है। आज के समय में यह जरूर सुनने को मिलता है कि फला छात्र अपनी शिक्षिका के साथ भाग गया , या फिर फला छात्र ने अपनी शिक्षिका का ही बलात्कार कर दिया।

निजी शिक्षण संस्थाओं के कारण शिक्षा का जो व्यावसायिक करण हुआ है उसके अच्छे नजीजे सामने आए तो इसके बुरे नतीजे भी नजर आते हैं। आज का हर तरफ सिर्फ और शिक्षा का बाजार लगा हुआ है। शिक्षा बेचने की चीज बना दी गई है। हर निजी संस्थान शिक्षा को एक उत्पाद के रूप में पेश करने में लगा है। जिस उत्पाद का जितना ज्यादा प्रचार उस उत्पाद की उतनी ही कीमत बाजार में है। आज हर तरफ सिर्फ और सिर्फ कोचिंग क्लासों का भी बाजार लग गया है। क्या पहले लोग पढ़ते नहीं थे और पास नहीं होते थे? पहले तो कभी कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी। लेकिन अब क्यों पडऩे लगी है? यह सोचने की बात है। कोचिंग क्लासों से हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कोचिंग के नाम पर जिस तरह की लुट मची है, उस लुट पर अंकुश लगाने में सरकार भी नाकाम रही है। सरकार नाकाम है तो उसके पीछे कारण भी है, सरकार में बैठे शिक्षा के मठाधीश भी अपनी तिजौरी भरने का काम कर रहे हैं। अगर कोई पैसा खर्च करेगा तो वह कमाएगा ही। ऐसे में उस कमाई के लिए लुट का शिकार तो आम आदमी ही होगा न।

लिखने को बहुत कुछ है। पर फिलहाल को यह एक मामला सामने आया कि जिसमें शिक्षा के पवित्र मंदिर को नापाक करने का काम किया है। अगर यही हाल रहा तो शिक्षण संस्थानों में ही अगर कोई आईटम गर्ल के डांस का भी पीरियड करने लगे तो आश्चर्य नहीं होगा। कोई कॉलेज कल को यह कर सकता है कि आईये हमारे कॉलेज में एडमिशन लीजिए और रोज लीजिए मजा एक आईटम गर्ल के डांस के पीरियड है।

22 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari रवि अग॰ 09, 06:50:00 am 2009  

चिन्तित करती हैं यह सब बातें..किस दिशा में जा रहे हैं!!

बी एस पाबला रवि अग॰ 09, 08:22:00 am 2009  

मेरे एक मित्र थे उस 'पीरिएड' में
यह सब होता देख अपनी बेटी का एडमिशन वहाँ कराने से कान पकड़ आयें हैं

sammer रवि अग॰ 09, 08:44:00 am 2009  

जब शिक्षा के नाम पर आईटम गर्ल का डांस चल रहा था तो क्या सरकार सो रही थी। ऐसे कॉलेजों पर बेन क्यों लगाती है सरकार।

बेनामी,  रवि अग॰ 09, 08:46:00 am 2009  

हर छोटी बात पर हंगामा करने वाली विपक्षी नेताओं को ऐसा शर्मनाक मामला नजर नहीं आया। क्या उनकी नैतिकता भी मर गई है। सरकार के साथ विपक्ष को भी डूब मरना चाहिए चुलू भर पानी में

chintu रवि अग॰ 09, 09:13:00 am 2009  

निजी कॉलेजों में पढ़ाई कम और मौज-मस्ती ज्यादा होती है। ऐसे कॉलेजों पर नकेल कसने की जरूरत है।

anu रवि अग॰ 09, 09:42:00 am 2009  

गंभीर चिंतन का विषय है यह की कहां जा रही है देश की शिक्षा प्रणाली।

rajni रवि अग॰ 09, 10:05:00 am 2009  

शिक्षा को व्यापार बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की दरकार है।

vallabh रवि अग॰ 09, 10:13:00 am 2009  

कुकुमुत्ते की तरह खुलने वाले मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेजों का यही हाल होना है जल्द ही...
भगवान् बचाए...
सरकारें तो निकम्मी हैं अब न्यायपालिका से ही कुछ उम्मीद की जा सकती है...

saurabh रवि अग॰ 09, 10:28:00 am 2009  

शर्मनाक है, यह शिक्षा के पवित्र मंदिर को अपवित्र करने की साजिश हो रही है।

neha रवि अग॰ 09, 01:54:00 pm 2009  

एक समय अपने देश में शिक्षा को पूजा जाता था, किसी को शिक्षा देना सबसे बड़ा धर्म माना जाता था। गुरु की इज्जत करना भारत की परंपरा रही है। लेकिन अब न तो ऐसे गुरु रह गए हैं और न ही ऐसे शिष्य। वरना अपने देश का इतिहास गवाह है कि यहां पर गुरु को गुरु दक्षिणा में अंगूठा काटकर देने वाले शिष्य रहे हैं। लेकिन आज के समय में ऐसे उदाहरण मिलने संभव ही नहीं है। आज के समय में यह जरूर सुनने को मिलता है कि फला छात्र अपनी शिक्षिका के साथ भाग गया , या फिर फला छात्र ने अपनी शिक्षिका का ही बलात्कार कर दिया।
ये को आज के जमाने का कड़वा सच लिखा दिया है आपने

rita singh,  रवि अग॰ 09, 03:44:00 pm 2009  

निजी कॉलेजों पर सरकारी लगाम जरूरी है। वरना ये कॉलेज वाले शिक्षा के नाम पर न जाने क्या-क्या करने लगेंगे। आज के कॉलेज कैम्पस शिक्षा के कम और मौज-मस्ती के लिए ज्यादा जाने जाते हैं।

sunil,  रवि अग॰ 09, 03:45:00 pm 2009  

कोचिंग के नाम पर जिस तरह की लुट मची है, उस लुट पर अंकुश लगाने में सरकार भी नाकाम रही है। सरकार नाकाम है तो उसके पीछे कारण भी है, सरकार में बैठे शिक्षा के मठाधीश भी अपनी तिजौरी भरने का काम कर रहे हैं। अगर कोई पैसा खर्च करेगा तो वह कमाएगा ही। ऐसे में उस कमाई के लिए लुट का शिकार तो आम आदमी ही होगा न।
बहुत खूब लिखा है आपने, इसके लिए साधुवाद

suman varma,  रवि अग॰ 09, 06:03:00 pm 2009  

गंभीर मुद्दा है

amit,  रवि अग॰ 09, 06:06:00 pm 2009  

रिता जी की बातो से सहमत है

ajay रवि अग॰ 09, 07:17:00 pm 2009  

ऐसे कॉलेजों पर बेन लगे

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" रवि अग॰ 09, 07:46:00 pm 2009  

वर्तमान के हालातों को देखते हुए इसमें तनिक भी विस्मय नहीं हो रहा है कि आने वाले समय में कुछ इस प्रकार का ही देखने को मिले!!
बेहद शर्मनाक स्थिति!!

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर रवि अग॰ 09, 09:12:00 pm 2009  

bhaiya ji ham AADHUNIK ho rahe hain. AAPKO SHAYAD PATAA NAHIN HAI?
abhi to BAR bhi milenge. GHABRAAIYE NAHIN.

Mithilesh dubey रवि अग॰ 09, 11:55:00 pm 2009  

आज कल बङे कालेजो मे पढाई के नाम पे यही सब तो हो रहा है।

surendra vivek,  शनि नव॰ 07, 09:22:00 pm 2009  

surendra vivek sarkar en colejo ke gati bidhi par najar rakhe

surendra vivek,  शनि नव॰ 07, 09:24:00 pm 2009  

sarkar en colejo ke gati bidhi par najar rakhe

surendra vivek,  शनि नव॰ 07, 09:33:00 pm 2009  

sarkar in college ki gati bidhi par najar rakhe

surendra vivek,  शनि नव॰ 07, 09:35:00 pm 2009  

sarkar in college ki gati bidhi par najar rakhe

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