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शनिवार, जुलाई 18, 2009

अरे कोई तो बताओ ट्रेन क्यों नहीं चल रही थी

बात उन दिनों की है जब हम कॉलेज में पढ़ते थे। तब हम भाटापारा से रायपुर पढऩे आते थे। हम लॉ कॉलेज में थे। सो क्लास रात को लगती थी। ऐसे में हम लोग रात को 10 बजे 29 डाउन मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस से रोज भाटापारा जाते थे। एक दिन रात को जब हम लोग रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन में बैठ गए तो काफी समय हो गया फिर भी ट्रेन चलने का नाम नहीं ले रही थी। रायपुर में ट्रेन का स्टापेज महज 10 मिनट का था, पर आधा घंटा होने के बाद भी ट्रेन नहीं चली तो हम लोग ट्रेन से नीचे आए और जानना चाहा कि माजरा क्या है। माजरा तो हमारी भी समझ में नहीं आया। देखा कि सामने सिग्नल भी हरा है, पीछे ट्रेन का गार्ड लगातार हरी झंड़ी हिला रहा था, लेकिन इसके बाद भी ट्रेन थी कि आगे बढ़ ही नहीं रही थी। बहुत दिमाग खपाने के बाद भी कुछ समझ में नहीं आया तो हम लोग जाकर ट्रेन में सो गए और सोचा कि चलो यार जब ट्रेन को चलना होगा तो चलेगी क्यों कर सिर खपाए कि ट्रेन क्यों नहीं चल रही है। ट्रेन ने न चलने का कारण बाद में मालूम हुआ कि ट्रेन आखिर क्यों नहीं चल रही थी। अगर आपको कुछ समझ आया हो तो जरूर बताए कि आखिर ट्रेन क्यों नहीं चल रही थी।

17 टिप्पणियाँ:

Vivek Rastogi शनि जुल॰ 18, 07:21:00 am 2009  

बहुत खोपड़ी खुजाई पर ट्रेन क्यों नहीं चली समझ में नहीं आया।

Udan Tashtari शनि जुल॰ 18, 07:24:00 am 2009  

ड्राईवर पीने निकल लिया होगा!!

‘नज़र’ शनि जुल॰ 18, 07:40:00 am 2009  

कभी आदमी और कभी ट्रेन का मूड नहीं होता
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पढ़िए: सबसे दूर स्थित सुपरनोवा खोजा गया

ajay शनि जुल॰ 18, 08:06:00 am 2009  

नक्सलियों ने पटरी तो नहीं उखाड़ दी थी?

सतीश पंचम शनि जुल॰ 18, 08:07:00 am 2009  

किसी मंत्री वगैरह का इंतजार तो नहीं कर रही थी ?

सब कुछ ठीक ठाक होने के बावजूद यदि गाडी या प्लेन अपने गंतव्य की ओर न बढें तो समझिये कोई नेता फेता आ रहा होगा :)

anu शनि जुल॰ 18, 08:14:00 am 2009  

उडऩ तश्तरी की बात ठीक लगती है।

santosh,  शनि जुल॰ 18, 08:25:00 am 2009  

ड्राईवर ही नहीं होगा ट्रेन में।

tina शनि जुल॰ 18, 08:49:00 am 2009  

ड्राइवर सो गया होगा।

asif ali,  शनि जुल॰ 18, 08:53:00 am 2009  

राज लगता है ट्रेन उस दिन मेरा ही इंतजार कर रही थी, तुम्हें याद है मेरे आते ही ट्रेन चल पड़ी थी।

rohan शनि जुल॰ 18, 09:04:00 am 2009  

ये भारतीय ट्रेन है मित्र जब मर्जी होती है तभी चलती है, इसमें टेंशन लेने की क्या बात है।

ashok,  शनि जुल॰ 18, 09:31:00 am 2009  

अच्छा हुआ उस समय लालू रेल मंत्री नहीं थे, नहीं तो सबको संसपेड कर देते

Samrendra Sharma शनि जुल॰ 18, 09:43:00 am 2009  

ट्रेन भाटापारा चली जाती तो रायपुर में कैसे रहते और सिर खुजाने के लिए कुछ मसाला भी चाहिए ना!

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari शनि जुल॰ 18, 10:40:00 am 2009  

राजकुमार भईया ट्रेन क्‍यूं नहीं चल रही इसके संबंध में जानने के लिये आज आपके ब्‍लाग पर आते रहेंगें. पर यह जानकर खुशी हुई कि आप भी हमारी तरह कानून की पढाई किये हुए हैं और हमारे गृह ग्राम (सिमगा) के 'परोसी' हैं.

Anil Pusadkar शनि जुल॰ 18, 11:41:00 am 2009  

ये ट्रेन रायपुर मे थी ही नही तो चलती कैसे?कंहा की फ़ोटू लगा दिये राजकुमार लोगो को गलतफ़हमी हो जायेगी कि रायपुर का प्लेटफ़ार्म इतना अच्छा है।

विवेक सिंह शनि जुल॰ 18, 09:10:00 pm 2009  

ज्ञान जी बता सकते हैं रिकार्ड देख कर :)

रंजन शनि जुल॰ 18, 09:36:00 pm 2009  

1. कोई वी आई पी का इंतजार कर रही होगी..

२, ड्राइवर था न?

राजकुमार ग्वालानी रवि जुल॰ 19, 12:47:00 am 2009  

दरअसल में उस ट्रेन में रात की बजाए दिन वाले गार्ड की ड्यूटी लग गई थी। ऐसे में गार्ड महोदय रात को भी हरी झंडी दिखा रहे ते, जबकि रात को झंडी नहीं लाइट दिखाई जाती है। बाद में उनको याद आया कि वे रात की ट्रेन में ड्यूटी में पर है तो उन्होंने लाइट दिखाई तब ट्रेन चली।

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