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मंगलवार, जून 09, 2009

ये है जतमई-जहां आप जरूर आना चाहेंगे भाई

झरनों की रिमझिम फुहार के बीच यह है जतमई माता का दरबार। यह दरबार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 70 किलो मीटर की दूरी पर राजिम मार्ग में है। राजिम कुंभ को सारा देश जानता है पर जतमई की ख्याति अभी उतनी नहीं है। यहां के नजारें आंखों को बहुत प्यार लगते हैं। जतमई का रास्ता इतना रोमांचक है कि यहां हर कोई जाना चाहता है। हम तो वहां कई बार जा चुके हैं फिर भी वहां जाने को मन ललचाता है। वैसे जब भी मन होता है हम वहां चले जाते हैं। एक तो माता का दरबार उस पर प्रकृति के अद्भूत नजारे हैं जिनको देखकर बहुत शांति मिलती है। आप भी यहां जरूर आना चाहेंगे।

7 टिप्पणियाँ:

sammer मंगल जून 09, 05:12:00 pm 2009  

रास्ते का एक नजारा देखकर तो लग रहा है कि सफर रोमांकारी ही होगा। रास्ते के बारे में कुछ और जानकारी देते तो अच्छा रहता।

tina मंगल जून 09, 05:17:00 pm 2009  

पानी की फुहार देखकर मन प्रफूलित हो गया। जतमई को डायरी के पन्नों में दर्ज कर लिया है।

राजकुमार ग्वालानी मंगल जून 09, 05:30:00 pm 2009  

चारों तरफ पहाड़ी से घिरा रास्ता काफी रोमांचकारी है। हर तरफ हरियाली का नजारा है। एक मोड़ बड़ा ही खतरनाक है। बारिश का मौसम हो तो पहाड़ों के बीच में इंद्रधनुष का नजारा भी हो जाता है। एक बार ऐसा मौका हमें मिला था, पर अफसोस तब हमारे साथ हमारा कैमरा नहीं था। रास्ता किसी चिल्फी घाटी या केशकाल घाटी से कम नहीं है। रास्ते में उतने मोड़ तो नहीं है, पर एक मोड़ ऐसा है जो रोमांच के लिए काफी है। जतमई के आगे एक और अद्भूत नजारों वाला स्थान घटारानी है। इसके बारे में आगे हम जरूर बताएंगे।

rohan मंगल जून 09, 05:54:00 pm 2009  

लाजवाब तस्वीरें हैं मित्र

Manisha बुध जून 10, 04:06:00 pm 2009  

वहां पर नक्सलवादी तो नहीं हैं?

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