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रविवार, जून 21, 2009

ये कैसी मां...

मां को तो ममता की मूर्ति और न जाने क्या-क्या कहा जाता है। मां से बढ़कर इस दुनिया में और कोई नहीं होता है। एक तरफ जहां दुनिया में अच्छी मांओं की कमी नहीं है, वहीं कुछ मांएं ऐसी भी होती हैं जो अपने ही बच्चे का गला घोट देती हैं। ऐसी मांएं ज्यादातर वो होती हैं जो बच्चों को जायज नहीं बल्कि नाजायज तरीके से जन्म देती हैं और समाज के डर से उनका गला घोट कर फेंक देती हैं किसी कचरे के डिब्बे में। ऐसी की किसी निर्दयी मां ने अपने नवजात को रायपुर के पुजारी पार्क की एक नाली में फेंकने का काम किया। इसकी खबर लगने पर वहां से पुलिस से उस नवजात का शव बरामद किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि उस नवजात को किसने जन्म देकर फेंकने का काम किया है। वैसे इस तरह की घटनाएं देश में कहीं भी होती रहती हैं।

7 टिप्पणियाँ:

hello रवि जून 21, 02:28:00 pm 2009  

वैसे इस तरह की घटनाये कोई बड़ी बात नहीं ,रोजाना दिखती रहती है....

लेकिन बड़ी बात यह है की ये एक प्रतिबिम्भ है इस बात का की समाज कहाँ जा रहा है .

asif ali,  रवि जून 21, 03:22:00 pm 2009  

नाजायज बच्चा जनने वाली ऐसी लड़कियां उस समय क्यों नहीं सोचती है जब वे ऐसा गलत काम करती हैं जिससे बच्चा होने का खतरा रहता है। तब तो इनमें हवस की भूखा रहती है। जब हवस की भूख शांत करने की हिम्मत है तो उस हवस से जन्म बच्चे को भी पालने की हिम्मत भी रहनी चाहिए।

ranju रवि जून 21, 03:49:00 pm 2009  

अब नाजायज बच्चा पैदा करने के बाद तो उसका यही हाल होगा। ऐसी मां की तलाश करके उसको कड़ी सजा देनी चाहिए।

mona,  रवि जून 21, 05:32:00 pm 2009  

ऐसी लड़कियों मां के नाम पर कलंक है। इनको मां कहना ही मां का अपमान है

Udan Tashtari सोम जून 22, 01:47:00 am 2009  

ईश्वर इन्हें सदबुद्धि दे.

स्वप्नदर्शी सोम जून 22, 11:36:00 am 2009  

agar avivahit maa ko bhee samaj samaan kee nazar se dekhta, aur is tarah ke bachche ko palane me bevajah musheebate n hotee to shayad ye ghtanaa nahee hotee.

कर्मचारी सोम जून 22, 12:40:00 pm 2009  

माँ तो बाद में बनी, पहले तो वह एक नारी थी!
और पितृ दिवस वाले दिन जनक को भूल गये!!

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